पांच अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश से जुड़ी फाइल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रमुख अभियंता तक पहुंच चुकी है। चूंकि लोक निर्माण विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है, इसलिए यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय तक जाएगी। इसके बाद ही विभागीय जांच और कार्रवाई शुरू होगी। यह मामला बरेली-बदायूं जिले की सीमा पर बने अधूरे पुल से कार गिरने के कारण हुई तीन लोगों की मौत से जुड़ा है। इस घटना की जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक भेजी जाएगी, और उसके बाद ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंता अजय कुमार ने प्रांतीय खंड बदायूं के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार, सहायक अभियंता मोहम्मद आरिफ और अभिषेक कुमार, तथा अवर अभियंता अजय गंगवार और महाराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए जांच रिपोर्ट प्रमुख अभियंता को भेज दी है। अभियंताओं को यह जिम्मेदार ठहराया गया है कि एप्रोच रोड बह जाने के बाद भी यातायात रोकने के लिए प्रभावी अवरोधक नहीं लगाए गए थे। इस मामले में शासन स्तर पर कार्रवाई होनी है।
हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद एफआईआर दर्ज होने से अभियंता सवाल उठा रहे हैं कि यह कार्रवाई क्यों की गई। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य अभियंता से मिलकर इसे एकतरफा कार्रवाई बताया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि कार्रवाई से पहले अभियंताओं का पक्ष क्यों नहीं सुना गया? मुख्य अभियंता अजय कुमार ने कहा कि प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सिफारिश की गई है, और विस्तृत जांच के दौरान अभियंताओं का पक्ष सुना जाएगा।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, उत्तर प्रदेश की बरेली और बदायूं इकाई के अभियंता भी इन चार अभियंताओं का समर्थन करने मुख्य अभियंता से मिले। उनका कहना था कि जिस काम की प्रगति चल रही है, उसके लिए जेई और एई को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करने से पहले स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए था। प्रतिनिधिमंडल में संघ के जिलाध्यक्ष देवदत्त पचौरी, संरक्षक एके शर्मा और दोषी ठहराए गए अभियंता भी शामिल रहे।
आपको बता दें कि दातागंज से बरेली के फरीदपुर जाने वाले मार्ग पर मुड़ा गांव के पास एक पुल बना हुआ है। सितंबर 2023 में आई बाढ़ के कारण इस पुल की फरीदपुर की ओर की एप्रोच रोड बह गई थी। तब से पुल पर आवागमन बंद था, लेकिन अधूरे पुल पर जाने से रोकने के लिए न तो कोई अवरोधक लगाए गए थे और न ही संकेतक। दूसरी ओर, गूगल मैप पर इस रास्ते को सही दिखाया जा रहा था। इसी वजह से रविवार तड़के कार सवार तीन लोग हादसे का शिकार हो गए। वे गूगल मैप पर निर्भर होकर पुल तक पहुंच गए और पुल खत्म होते ही उनकी कार 20 फीट नीचे जा गिरी, जिससे तीनों लोगों की मौत हो गई।
बरेली पुल हादसे में पांच अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश






