उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो रही है। यह कदम खास तौर पर उन ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के लिए उठाया गया है, जिनकी सीमाएँ हाल के वर्षों में नगर पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम के सृजन और विस्तार से प्रभावित हुई हैं।
मुख्य बिंदु और समयसारिणी:
✅ 28–30 जून: पंचायतवार जनसंख्या का निर्धारण
✅ 1–3 जुलाई: वार्डों की प्रस्तावित सूची का प्रकाशन
✅ 4–8 जुलाई: आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी
✅ 9–11 जुलाई: आपत्तियों का निस्तारण
✅ 12–14 जुलाई: वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन
✅ 16 जुलाई तक: अंतिम सूची पंचायतीराज निदेशालय को भेजनी होगी
क्यों हो रहा परिसीमन?
• नगर निकायों में शामिल होने से कई ग्राम पंचायतों की जनसंख्या 1000 से कम हो गई है, जबकि पंचायत क्षेत्र घोषित होने के लिए न्यूनतम 1000 की आबादी जरूरी है।
• ऐसी ग्राम पंचायतों के शेष राजस्व ग्रामों को आसपास की ग्राम पंचायतों में मिलाया जाएगा या नई पंचायत गठित की जाएगी।
• अगर कोई ग्राम पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित है और उसकी जनसंख्या 1000 से अधिक है, तो वह यथावत बनी रहेगी।
पंचायत चुनाव कब होंगे?
• त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले साल (2026) अप्रैल–मई में प्रस्तावित हैं।
• इसलिए परिसीमन की यह प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाएगी।
प्रभावित क्षेत्र कौन से?
• वे जिले, जहां पंचायत चुनाव–2021 के बाद नए नगर निकाय बने या सीमाएँ बढ़ीं।
• खासकर वे ग्राम पंचायतें जिनकी आबादी घटकर 1000 से कम हो गई है।
शासन के निर्देश:
• जिन जिलों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वे भी अपनी रिपोर्ट देंगे।
• सभी जिलाधिकारी निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी कराएं।






