आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नेता के रूप में पहचाना जाता है। अब, जब उन्होंने अपना चुनाव क्षेत्र पटपड़गंज से बदलकर जंगपुरा कर लिया है, तब भी उन्होंने अपने शिक्षा मॉडल को ही अपनी चुनावी रणनीति का केंद्र बनाया है। आज, सिसोदिया ने जंगपुरा के लिए अपने शिक्षा मॉडल की घोषणा की। सिसोदिया ने वादा किया कि चुनाव जीतने पर सराय काले खां और हजरत निजामुद्दीन में सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस दो नए स्कूल बनाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों की तर्ज पर उनके विधानसभा क्षेत्र के सभी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, निजी स्कूलों को मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह घोषणा उन माता-पिता के बीच लोकप्रिय हो सकती है, जो अपने बच्चों की महंगी स्कूल फीस को लेकर चिंतित रहते हैं। शिक्षा घोषणा पत्र जारी करते हुए सिसोदिया ने कहा कि उनका अब तक का काम शिक्षा के क्षेत्र में सुधार पर केंद्रित रहा है, और वे इसी दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने दिल्ली के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है और वे इस काम को जंगपुरा में भी आगे ले जाएंगे।
सिसोदिया ने कहा कि अच्छी शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव का मुख्य जरिया है। उनका सपना है कि हमारे बच्चे बड़े होकर सफल और सम्मानित नागरिक बनें, लेकिन यह बिना बेहतर शिक्षा के संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके द्वारा बनाए जाने वाले स्कूल आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, लेकिन उनकी फीस सरकारी स्कूलों की तरह सामान्य होगी, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ा सके। सिसोदिया ने यह आश्वासन दिया कि बच्चों की शिक्षा का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और उसे बेहतर बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये स्कूल बच्चों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेंगे।
दिल्ली चुनावों के लिए मनीष सिसोदिया ने जारी किया ‘शिक्षा घोषणा पत्र’






