डॉ. मनमोहन सिंह को वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसके वह हकदार थे-गहलोत

बुधवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा जयपुर के इंदिरा गांधी भवन स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की गई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
श्रद्धांजलि सभा के बाद अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह जैसे महान नेता को वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसके वह हकदार थे। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया, जबकि परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राष्ट्रीय स्तर पर विशेष स्थानों पर होता है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता करार दिया और कहा कि डॉ. सिंह की ख्याति केवल भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह एक महान अर्थशास्त्री और वैश्विक नेता के रूप में भी जाने जाते थे।
गहलोत ने यह भी कहा कि जब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत का निधन हुआ था, तब कांग्रेस सरकार ने उनके अंतिम संस्कार के लिए उचित प्रबंध किए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दिया, लेकिन भाजपा सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह को वह सम्मान नहीं दिया। अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले एक साल में कोई ठोस उपलब्धि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए हमारी सरकार के समय बनाए गए नए जिलों को रद्द करने का काम किया गया। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया और इसे जनता के साथ धोखा बताया। गहलोत ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह को सम्मान देने के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। श्रद्धांजलि सभा में डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

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