मुख्यमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब राज्य बीते वर्ष के संघर्षों और हिंसक घटनाओं से जूझ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाला समय सभी के लिए बेहतर होगा।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 3 मई, 2023 से जारी हिंसा के लिए राज्य के लोगों से माफी मांगी है। उन्होंने मणिपुर की सभी समुदायों से अपील की है कि वे नए साल में अतीत को भुलाकर शांति और सद्भाव के लिए प्रयास करें। यह बयान उन्होंने मंगलवार को राजधानी इंफाल में अपने आवास पर सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हवाई यात्रा के महंगे किराये की समस्या को हल करने के लिए मणिपुर सरकार किफायती दर पर एलायंस एयर सेवाएं शुरू करेगी, जिसमें किराया 5,000 रुपये से अधिक नहीं होगा। इंफाल-गुवाहाटी, इंफाल-कोलकाता और इंफाल-दीमापुर मार्गों पर यह सेवा सप्ताह में दो बार संचालित होगी। इसके साथ ही, सरकार हवाई यात्रियों को सब्सिडी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मणिपुर अवैध प्रवासियों की समस्या का सामना कर रहा है। इसके समाधान के लिए बायोमेट्रिक पंजीकरण और आधार से जुड़े जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया जनवरी 2025 से शुरू की जाएगी। पहले चरण में यह व्यवस्था तीन जिलों में लागू होगी। जन्म पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा और हर 5 साल में अपडेट करना होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल के साथ संवाद और चर्चा के माध्यम से शांति बहाल की जा रही है। हिंसा के दौरान लूटे गए 6,000 हथियारों में से 3,000 से अधिक बरामद किए जा चुके हैं, और 12,247 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 40 बुलेटप्रूफ वाहन खरीदने और 1,000 नए भर्ती आईआरबी कर्मियों को विशेष युद्ध प्रशिक्षण देने की घोषणा की। शिक्षा के क्षेत्र में, समर्पित शिक्षकों को पुरस्कृत करने और सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से 3 मई, 2023 से पहले की स्थिति बहाल करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया। शांति बहाली के प्रयासों के तहत, 2058 विस्थापित परिवारों को उनके घरों में वापस बसाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर हिंसा रोकने के लिए NH-2 और NH-37 पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सुरक्षा के लिए भारतीय सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और राज्य पुलिस के जवान तैनात हैं।





