राजस्थान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) से चलने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों पर केवल 50 प्रतिशत टैक्स देय होगा।
परिवहन विभाग के संयुक्त शासन सचिव महेन्द्र खींची द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह छूट सिर्फ सिटी बसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्लीपर कोच बसों और ट्रकों पर भी लागू होगी, यदि वे सीएनजी से संचालित हैं। आदेश के लागू होते ही राज्यभर में बस मालिकों और वाहन ऑपरेटरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कोटा आरटीओ मनीष शर्मा ने बताया कि यह नीति परिवहन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने और प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से लाई गई है। सीएनजी वाहन जहां ईंधन की लागत कम करते हैं, वहीं कार्बन उत्सर्जन को भी घटाते हैं, जिससे स्वच्छ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलता है।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने राज्य सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे एक सकारात्मक पहल बताया है। साथ ही उन्होंने यह आग्रह भी किया है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी इस प्रकार की प्रोत्साहन योजनाएँ लाई जाएँ। बस ऑपरेटरों का मानना है कि टैक्स में छूट से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे वे यात्रियों को सस्ती और बेहतर सेवाएँ दे पाएंगे।
राजस्थान में सीएनजी व्यावसायिक वाहनों पर अब सिर्फ 50% टैक्स






