दीपावली से पहले भजनलाल सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को एक बड़ा उपहार दिया है। साथ ही पेंशनर्स के लिए भत्ते में वृद्धि के आदेश भी जारी किए गए हैं। अब आरजीएचएस में शामिल कर्मचारी अपने सास-ससुर का भी इलाज करा सकेंगे। राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार की सीजीएचएस योजना की तर्ज पर प्रदेश के सात लाख कर्मचारियों को लाभ देने के लिए नियमों में संशोधन किया है। भजनलाल सरकार के आदेश के अनुसार, अब पुरुष और महिला कर्मचारी अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को आरजीएचएस में चिकित्सा सुविधा के लिए शामिल कर सकेंगे, बशर्ते वे आश्रित हों और कर्मचारी के साथ रहते हों। इसमें सौतेले माता-पिता को भी शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, 25 साल तक के अविवाहित और बेरोजगार बच्चों का इलाज भी सरकारी खर्च पर किया जा सकेगा, जिसमें दिव्यांग संतान भी शामिल होगी।
पेंशनर्स के लिए, 70 वर्ष की आयु पूरी करने पर भत्ता बढ़ाया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी एक अन्य आदेश के अनुसार, पेंशन पाने वाले कर्मचारियों और उनके आश्रित पारिवारिक पेंशन पाने वालों को 70 वर्ष की आयु के बाद 5 प्रतिशत, 75 वर्ष की आयु के बाद 10 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता मिलेगा, जो 80 वर्ष की आयु तक दिया जाएगा। इस भत्ते पर अंतरिम राहत का लाभ नहीं दिया जाएगा।
आरजीएचएस में अब अपने सास-ससुर का भी इलाज भी करा सकेंगे कर्मचारी






