आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कहा कि वह तिरुपति में हुई भगदड़ की घटना की न्यायिक जांच का आदेश देंगे, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षक सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया गया है। नायडू ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लापरवाही के चलते उन्होंने एक डीएसपी सहित दो अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि तिरुपति में प्रशासन और निगरानी तंत्र में कुछ खामियां पाई गई हैं, जिन्हें पूरी तरह से दुरुस्त किया जाना चाहिए। घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने तिरुपति में टोकन जारी करने की नई प्रणाली शुरू की थी, जबकि पहले यह टोकन तिरुमला पहाड़ियों पर जारी किए जाते थे। इसके पहले, मुख्यमंत्री नायडू ने उन घायलों का हालचाल जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया, जहां उनका इलाज चल रहा है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एसवीआईएमएस (श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) जाकर बुधवार की भगदड़ में घायल श्रद्धालुओं को सांत्वना दी।” बयान के अनुसार, “एसवीआईएमएस में मुख्यमंत्री ने घायलों के साथ करीब 90 मिनट बिताए। उन्होंने सभी मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं।”
आपको बता दें बुधवार रात तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में ‘वैकुंठ द्वार दर्शनम’ के लिए टिकट पाने की कोशिश कर रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए। यह घटना एमजीएम स्कूल के पास बैरागी पट्टेदा इलाके में हुई। देशभर से श्रद्धालु 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम में शामिल होने के लिए तिरुपति पहुंचे थे।
तिरुपति: भगदड़ मामले में तीन अधिकारी निलंबित, न्यायिक जांच के आदेश






