मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा था कि वक्फ के नाम पर कब्जाई गई जमीनों को वापस लिया जाएगा। इस बयान के बाद बरेली जिले में वक्फ से जुड़ी 100 संपत्तियां जांच के दायरे में आ गई हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्देशों का इंतजार है। उम्मीद है कि जल्द ही वक्फ बोर्ड की ओर से आदेश जारी होगा, जिसके बाद अधिकारी इन संपत्तियों के अभिलेखों की जांच और पैमाइश करेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि वक्फ के नाम पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और एक-एक इंच जमीन वापस ली जाएगी। जिले में वक्फ की करीब 3171 संपत्तियां हैं, जिनमें से कई पर छोटे-बड़े विवाद और शिकायतें सामने आई हैं। अब इन सभी मामलों की नए सिरे से जांच हो सकती है, और अवैध कब्जे प्रशासन की प्राथमिकता में होंगे।
वक्फ के नाम पर हुए कब्जे
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड की मिलीभगत के बिना यह कब्जे संभव नहीं हो सकते। जांच के दौरान इस पहलू पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खां ने कहा कि जो लोग वक्फ संपत्तियों पर नाजायज कब्जा किए हुए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सरकारी कब्जे वाली वक्फ संपत्तियां भी खाली कराई जाएं। उन्होंने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण की मांग करते हुए कहा कि यह कदम समुदाय के हित में होगा।




