भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के करोड़ों मोबाइल उपयोगकर्ताओं को फर्जी कॉल्स और मैसेज से राहत देते हुए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन गाइडलाइंस के तहत, बैंकों को लेन-देन और मार्केटिंग कॉल्स या मैसेज के लिए केवल दो विशेष नंबर सीरीज का उपयोग करना होगा।
ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों को रोकने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है, ताकि लोग फर्जी नंबरों से आने वाले कॉल्स को पहचान सकें। रिजर्व बैंक ने बैंकिंग और मार्केटिंग कॉल्स के लिए दो नई सीरीज घोषित की हैं। अब मोबाइल नंबरों पर केवल इन दो सीरीज से आने वाले कॉल्स को ही सही माना जाएगा, और अन्य किसी भी सीरीज से आने वाले कॉल्स फर्जी माने जाएंगे।
आरबीआई की नई गाइडलाइंस
रिजर्व बैंक ने कहा है कि लेन-देन संबंधी कॉल्स के लिए बैंकों को केवल 1600 से शुरू होने वाली नंबर सीरीज का ही उपयोग करना होगा। इसके अतिरिक्त, बैंकों द्वारा होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड, इंश्योरेंस, और टर्म डिपॉजिट जैसी सेवाओं के लिए प्रमोशनल कॉल्स केवल 140 से शुरू होने वाली सीरीज से ही किए जा सकते हैं। इसके लिए बैंक और संबंधित प्रमोशन करने वाली कंपनियों को टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ खुद को व्हाइटलिस्ट में पंजीकृत करना होगा।
बैंक फ्रॉड से सुरक्षा
आरबीआई ने बताया कि वर्तमान में साइबर अपराधी मोबाइल नंबरों के जरिए फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। वे फर्जी कॉल्स और मैसेज भेजकर लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं। हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बैंक के नाम पर कॉल या मैसेज करके लोगों को ठगा गया।
भारतीय रिजर्व बैंक की यह गाइडलाइंस मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सही और फर्जी कॉल्स की पहचान करने में मदद करेगी। अब उपयोगकर्ता केवल 1600 और 140 से शुरू होने वाले नंबरों पर ही भरोसा कर सकते हैं। इस पहल से फर्जी कॉल्स और ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगने की उम्मीद है।




