आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अब सरकार नई सुविधाओं का विकास करेगी। इस एक्सप्रेसवे पर होटल, थीम पार्क, रिसॉर्ट और ऑटोमोबाइल शोरूम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
योगी सरकार ने बजट 2025-26 में न केवल नए एक्सप्रेसवे बल्कि पुराने एक्सप्रेसवे के उन्नयन पर भी ध्यान दिया है। यूपी में पहले से निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे को और बेहतर बनाने की प्रक्रिया जारी है। इसलिए, भारी ट्रैफिक वाले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को नए सिरे से और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ई-हब विकसित करने की भी योजना बनाई गई है। हर ई-हब में होटल, फूड कोर्ट, थीम पार्क, रिजॉर्ट, वेयरहाउस, बैंक्वेट हॉल, ऑटोमोबाइल शोरूम और ट्रक यूजर ज़ोन जैसी विभिन्न सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे भविष्य में यात्रियों के लिए इन एक्सप्रेसवे पर सफर और अधिक सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा।
योगी सरकार ने आगरा से लखनऊ तक 301 किमी लंबे एक्सप्रेसवे को और उन्नत बनाने की योजना बनाई है। पहले इस एक्सप्रेसवे की छोटी-छोटी खामियों को दूर किया जाएगा और साथ ही नई सड़क का भी निर्माण होगा। इसके लिए यूपीडा ने एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके अतिरिक्त, आगरा एक्सप्रेसवे पर एक नया एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाने की भी तैयारी की जा रही है। फिलहाल, इस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ई-वे हब
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इस परियोजना के लिए 12 स्थानों को चिन्हित किया है, जिनमें से 4 स्थान बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर और 8 स्थान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ई-वे हब निर्माण और अन्य सुविधाओं पर 144 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए 72 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बुलंदशहर संपर्क एक्सप्रेसवे के रूप में एक प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसके लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। अप्रैल तक जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा। सरकार की योजना इस लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से जेवर को सीधे प्रयागराज और वाराणसी से जोड़ने की है, जिससे यात्रा अधिक तेज़ और सुविधाजनक हो सकेगी।




