म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने न केवल अपनी चिंता जाहिर की, बल्कि म्यांमार को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
भारत में महसूस हुए झटके
म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई, जिसका केंद्र सागाइंग क्षेत्र के पास था। इस भूकंप के प्रभाव से भारत के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के विभिन्न इलाकों में कंपन महसूस हुआ। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों, विशेष रूप से मेघालय में, जहां हाल ही में 4.0 तीव्रता का अलग भूकंप दर्ज किया गया था, वहां भी असर देखा गया। भूकंप के इन झटकों से लोग दहशत में आ गए और घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि, भारत में अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
इन राज्यों में महसूस हुए झटके
उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में हल्के से मध्यम झटके दर्ज किए गए। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी भूकंप का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस हुआ। खासकर मेघालय में, जहां हाल ही में 4.0 तीव्रता का एक अलग भूकंप दर्ज हुआ था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “म्यांमार में भूकंप से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। हम इस कठिन समय में म्यांमार के साथ खड़े हैं और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।” प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी सुरक्षित रहें और यह संकट शीघ्र समाप्त हो।”






