अमेरिका और चीन के बीच चल रहा ‘टैरिफ वॉर’ थमने की बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात पर 145% टैरिफ लगा दिया है। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका पर 125% शुल्क लागू कर दिया है। दोनों देशों पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है, लेकिन कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। चीन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के दबाव में नहीं झुकेगा। इस बीच, चीन ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की पहल शुरू कर दी है।
◙ 85 हज़ार भारतीयों को जारी किए गए वीज़ा
चीन ने अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच भारत से दोस्ताना संबंध बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 1 जनवरी से 9 अप्रैल के बीच चीन ने करीब 85,000 भारतीय नागरिकों को वीज़ा जारी किए हैं।
◙ भारतीयों को चीन आने का न्योता
भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग ने अधिक से अधिक भारतीयों को चीन आने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि चीन न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि मैत्रीपूर्ण भी है, और भारतीयों को इसका अनुभव ज़रूर लेना चाहिए।
◙ भारतीयों के लिए आसान हुई वीज़ा प्रक्रिया
चीन ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। अब चीन का वीज़ा लेने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट जरूरी नहीं होगा। साथ ही, अल्पकालिक यात्रा करने वाले भारतीयों को बायोमेट्रिक जानकारी भी नहीं देनी होगी। इससे वीज़ा प्रोसेसिंग का समय कम हो गया है। इतना ही नहीं, चीन ने वीज़ा अप्रूवल की प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए समय-सीमा को भी लचीला बना दिया है। भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वीज़ा फीस में भी कटौती की गई है।
◙ भारतीय युवाओं को रोजगार के अवसर देने की तैयारी
पर्यटन के अलावा चीन अब भारतीय युवाओं को रोजगार के अवसर देकर अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना चाहता है। चीन कुशल भारतीय कामगारों को अवसर देकर दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है।




