संभावना है कि सरकार 8वें वेतन आयोग के साथ एक नई स्वास्थ्य देखभाल योजना की शुरुआत करे। स्वास्थ्य मंत्रालय मौजूदा सीजीएचएस को एक नई इंश्योरेंस आधारित योजना में बदलने पर विचार कर रहा है।
8वां वेतन आयोग जल्द ही लागू हो सकता है, जिससे लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारी और 65 लाख पेंशनधारकों को लाभ मिलेगा। इससे उनकी सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फिलहाल सभी कर्मचारी और पेंशनर्स इसके गठन का इंतजार कर रहे हैं। पहले यह खबर आई थी कि सरकार अप्रैल के पहले हफ्ते में इस पर घोषणा कर सकती है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़े बदलाव की तैयारी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार नई हेल्थकेयर स्कीम लाने की तैयारी में है। सीजीएचएस की शुरुआत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवारों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से की गई थी। इसके तहत इलाज, दवाइयों और टेस्ट की सुविधाएं कम खर्च में मिलती हैं। अब खबर है कि सरकार इसमें बड़े बदलाव कर सकती है।
सीजीएचएस में हो सकते हैं बदलाव
सरकार ने संकेत दिया है कि 2025 की शुरुआत में 8वां वेतन आयोग गठित किया जाएगा। यह आयोग सिर्फ वेतन और पेंशन की सिफारिश नहीं करता, बल्कि भत्तों, सुविधाओं और स्वास्थ्य बीमा जैसे मुद्दों की भी समीक्षा करता है। लंबे समय से चल रही सीजीएचएस योजना में भी अब बदलाव की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ महीनों से खबरें चल रही हैं कि स्वास्थ्य मंत्रालय सीजीएचएस को इंश्योरेंस आधारित योजना में बदल सकता है, जिसे रजिस्टर्ड इंश्योरेंस कंपनियों के जरिए लागू किया जाएगा। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सभी की निगाहें 8वें वेतन आयोग पर
इस वजह से अब सभी की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह आयोग सीजीएचएस जैसी पुरानी योजना को पूरी तरह बदल देगा? उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस पर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है। यह बदलाव संभवतः 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का अहम हिस्सा बन सकते हैं।



