श्रीनगर पहुंचे प्रधानमंत्री, रास्ते में पहाड़ी पर बसे शंकराचार्य मंदिर को हाथ जोड़कर नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को श्रीनगर में पहुंचे। श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में पीएम बड़ी रैली को संबोधित किया। इस दौरान स्टेडियम जाते हुए उन्होंने एक जगह रुक कर पहाड़ी पर बसे शंकराचार्य मंदिर को निहारा और हाथ जोड़कर नमन किया। 

शंकराचार्य पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित है भगवान शिव का मंदिर

शंकराचार्य मंदिर श्रीनगर में जबरवान रेंज पर शंकराचार्य पहाड़ी के शीर्ष पर स्थित यह मंदिर हिंदू भगवान शिव को समर्पित है। कश्मीरी हिंदुओं का दृढ़ विश्वास है कि इस मंदिर में आदि शंकराचार्य ने दौरा किया था और तब से यह मंदिर उनके साथ जुड़ा हुआ है। इस तरह मंदिर और पहाड़ी का नाम शंकराचार्य पड़ा। कश्मीरी पंडितों की इस मंदिर में गहरी आस्था है। शिवरात्रि के पर्व पर जिसे कश्मीर में हेराथ के नाम से भी जाना जाता है, यहां पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। मंदिर घाटी तल से 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस मंदिर से पूरे श्रीनगर शहर को देख जा सकता है। मंदिर और निकटवर्ती भूमि राष्ट्रीय महत्व का स्मारक है। इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तहत केंद्रीय रूप से संरक्षित किया गया है। जम्मू कश्मीर के धर्मार्थ ट्रस्ट ने क्षेत्र के अन्य लोगों के साथ मिलकर 19वीं सदी से इस मंदिर का प्रबंधन करता आ रहा है।

अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर दौरे पर हैं। श्रीनगर के बक्शी स्टेडियम में ‘विकसित भारत, विकसित जम्मू कश्मीर’ कार्यक्रम में शामिल हुए प्रधानमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का अनावरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने रैली के दौरान 6400 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ व लोकार्पण किया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि तीन दशक तक लहूलुहान रही  कश्मीर की घाटी में आज तिरंगा लहरा रहा है। बख्शी स्टेडियम को लेकर कहा कि इस स्टेडियम में 35 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है और फीफा के मानक के रूप में इसका निर्माण हुआ है। 

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading