कनाडा के हालिया चुनाव में मार्क कार्नी के नेतृत्व में लिबरल पार्टी ने जीत हासिल की है। इस चुनाव की एक खास बात यह रही कि भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता पाई है। लिबरल पार्टी को कुल 169 सीटें मिली हैं, जिससे एक बार फिर उनका प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया है। यह चुनाव कई दृष्टिकोण से ऐतिहासिक रहे हैं। पहली बार, कुल 22 भारतवंशी उम्मीदवार कनाडा की संसद के लिए चुने गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह न केवल कनाडा में भारतीय समुदाय के राजनीतिक प्रभाव को दर्शाता है, बल्कि देश की विविधता और समावेशी लोकतंत्र का भी प्रमाण है।
दोनों प्रमुख पार्टियों के भारतवंशी उम्मीदवारों को सफलता
इस बार चुनाव मैदान में कुल 67 भारतीय मूल के उम्मीदवार थे, जिनमें से लगभग 30% को सफलता मिली। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों लिबरल और कंजरवेटिव ने भारतवंशी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था और दोनों को ही इस वर्ग से जीत मिली है। इससे संसद में भारतीय मूल के सांसदों का प्रतिनिधित्व लगभग 7% तक पहुँच गया है।
किसने पाई जीत?
आइए जानते हैं उन 22 भारतवंशी चेहरों को, जिन्होंने इस चुनाव में जीत का परचम लहराया और संसद में अपनी जगह बनाई।







