बौखलाये पाकिस्तान ने की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। भारत की ओर से सख्त कार्रवाई की आशंका से पाकिस्तान बुरी तरह घबरा गया है और वह लगातार नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी कर रहा है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत पूरी तरह से जवाबी कार्रवाई के मूड में है। आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब देने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए लगातार उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं। भारत की संभावित कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और सीमा पर नापाक हरकतें कर रहा है। बुधवार रात को पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की। भारतीय सेना ने भी इस फायरिंग का कड़ा और सटीक जवाब दिया। परागवाल सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों से फायरिंग की, जिसका भारतीय सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। बीएसएफ ने सीमा पर निगरानी और चौकसी और भी बढ़ा दी है। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियों को निशाना बनाया गया है।

नौशेरा, सुंदरबनी, अखनूर और बारामूला में भी फायरिंग
29 और 30 अप्रैल की रात भी पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा के पार से जम्मू-कश्मीर के नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर सेक्टरों में गोलीबारी की। सेना के अनुसार, यह फायरिंग बिना किसी उकसावे के की गई और इसमें छोटे हथियारों का प्रयोग किया गया। भारतीय सैनिकों ने तत्परता से इसका करारा जवाब दिया। पाकिस्तान की ओर से बीते छह दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है। नौशेरा, सुंदरबनी, अखनूर के साथ-साथ बारामूला और कुपवाड़ा जिलों में भी पाकिस्तानी पोस्टों से फायरिंग की गई। इसके अलावा परागवाल सेक्टर में भी बिना उकसावे के पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की गई। सभी स्थानों पर भारतीय सेना ने पूरी तत्परता और सख्ती से जवाब दिया है। 27-28 अप्रैल की रात भी पाकिस्तानी सेना ने बारामूला, कुपवाड़ा और अखनूर सेक्टरों में गोलाबारी की थी। वहीं पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में भी फायरिंग हुई थी। दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान की ओर से लगातार गोलीबारी की जा रही है, लेकिन हर बार भारतीय सेना ने उसे मुंहतोड़ और प्रभावी जवाब दिया है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading