राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को 71 प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में उत्तर प्रदेश के हृदय नारायण, आचार्य गणेश्वर, श्याम बिहारी और सत्यपाल भी शामिल हैं। प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक पंकज उधास को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया.

यूपी से चित्रकार और लेखक डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा के शुभ मुहूर्त निर्धारण में योगदान देने वाले वैदिक विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़, तथा पैरा एथलेटिक्स कोच डॉ. सत्यपाल सिंह को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया।
समारोह में प्रधानमंत्री मोदी भी रहे मौजूद
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे। वहीं, केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद समेत अन्य शेष व्यक्तियों को अलग समारोह में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि 25 जनवरी को 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 139 विशिष्ट व्यक्तियों के नाम पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों के लिए घोषित किए गए थे। इनमें से 71 हस्तियों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया, जबकि बाकी को जल्द ही अलग आयोजन में सम्मानित किया जाएगा।
पद्मश्री से सम्मानित प्रमुख हस्तियां
इस वर्ष 57 लोगों को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें एसबीआई की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य, उद्योगपति पवन कुमार गोयनका, मराठी लेखक मारुति भुजंगराव चितमपल्ली, तथा प्रख्यात कलाकार भीमाव्वा डोड्डाबलप्पा शिलेक्याथारा शामिल हैं। इसके अलावा, एम्स के पूर्व निदेशक एके महापात्रा और पंजाबी गायिका जसपिंदर नरूला कौल को भी पद्मश्री से नवाजा गया।
पद्म भूषण से सम्मानित 10 हस्तियां
पद्म भूषण पाने वालों में प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक पंकज उधास (मरणोपरांत), राजनेता सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत), बालकृष्ण कपूर, हॉकी खिलाड़ी पीआर श्रीजेश, तमिल अभिनेता एस. अजित कुमार, जाइडस लाइफसाइंसेज के चेयरमैन पंकज पटेल और भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर विनोद धाम प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्मानित हस्तियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. श्याम बिहारी अग्रवाल ने अपनी रचनात्मकता से कला क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी है। हृदय नारायण दीक्षित को उनके लेखन, दर्शन और जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति के लिए यह सम्मान मिला है। वैदिक विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ को साहित्य और शिक्षा क्षेत्र का प्रेरणास्तंभ बताया। साथ ही, डॉ. सत्यपाल सिंह को उनके असाधारण खेल कौशल और समर्पण के लिए सराहा गया।






