पाकिस्तान द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चले आ रहे तनाव में और इज़ाफा हो गया है। भारत ने इस कदम को उकसावे की कार्रवाई करार दिया है।
भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने हाल ही में 450 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा किया है। इस परीक्षण पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह परीक्षण एक सुनियोजित उकसावा है। पाकिस्तान की सेना ने बयान में कहा कि इस परीक्षण का मकसद सेना की तैयारियों को परखना और मिसाइल की नई तकनीकी क्षमताओं जैसे नेविगेशन प्रणाली और गतिशीलता का मूल्यांकन करना था। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सैन्य प्रमुखों ने इस सफलता पर सेना की दक्षता में विश्वास जताया है। यह ध्यान देने योग्य है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही अपनी सेना को पूर्ण स्वतंत्रता दे चुके हैं।
भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने यह परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब दोनों देशों के बीच पहले ही गहरे तनाव हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादियों ने बैसरन मैदान में हमला कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी, जिनमें एक नेपाली पर्यटक और एक स्थानीय गाइड भी शामिल थे। इस हमले के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया, पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द किए और उन्हें देश छोड़ने के लिए समयसीमा तय कर दी।
पाकिस्तान की धमकियाँ और भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारा ने दावा किया था कि भारत अगले 36 घंटों में सैन्य कार्रवाई कर सकता है, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सैन्य कदम नहीं उठाया गया। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत के साथ शिमला समझौते समेत सभी द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करने की धमकी दी है।
भारत ने आयात और व्यापार पर लगाया प्रतिबंध
भारत ने पाकिस्तान से सभी प्रकार के आयातों पर रोक लगा दी है और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों के भारतीय समुद्री क्षेत्र में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों को वापस बुला लिया है और राजनयिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर ला दिया है।
आम जनता पर बढ़ते तनाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते तनाव का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा। चिकित्सा वीजा पर रोक के चलते कई पाकिस्तानी मरीजों के लिए भारत में इलाज की संभावना समाप्त हो गई है। व्यापार बंद होने से आर्थिक स्थिति भी बिगड़ सकती है।
क्या युद्ध की ओर बढ़ रहा है भारत-पाक टकराव
पाकिस्तान द्वारा 450 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण की घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में हुए आतंकवादी हमले ने दोनों देशों के बीच माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया था।
भारत ने पाकिस्तान के इस मिसाइल परीक्षण को मात्र तकनीकी अभ्यास मानने से इनकार कर दिया है। भारतीय रक्षा सूत्रों का मानना है कि यह एक जानबूझकर किया गया उकसावा है, खासकर उस वक्त जब पाकिस्तान पहले से ही आतंकवाद के मसले पर अंतरराष्ट्रीय दबाव झेल रहा है। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी हद तक जा सकता है।
तनाव अब केवल सीमा तक सीमित नहीं
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव अब केवल सीमा तक ही सीमित नहीं रहा है। यह राजनयिक, व्यापारिक और मानवीय स्तर पर भी असर डाल रहा है। मिसाइल परीक्षण, आतंकी हमले और इन पर की गई प्रतिक्रियाएं ये सभी उपमहाद्वीप में शांति की संभावनाओं को और कमजोर कर रही हैं।





