उत्तर प्रदेश में लोक कलाकारों के लिए एक विशेष “कल्याण बीमा योजना” शुरू की जाएगी। इसके साथ ही बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर लोक कलाकारों की मासिक पेंशन को ₹2000 से बढ़ाकर ₹4000 कर दिया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन भवन में संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक कलाकारों के लिए बीमा योजना जल्द लागू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों के पंजीकरण से लेकर कार्यक्रम आवंटन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही, कार्यक्रमों के आवंटन में नियमों का शत-प्रतिशत पालन हो और यदि भेदभाव की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि वृद्ध कलाकारों को पेंशन की सुविधा देने के लिए विज्ञापन के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान की जाए। साथ ही, लोक कलाकारों के लिए एक व्हाट्सएप समूह बनाया जाए ताकि समय-समय पर जानकारी साझा की जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यक्रम स्वीकृति पर 50% राशि अग्रिम और कार्यक्रम समाप्ति के एक सप्ताह के भीतर पूरा भुगतान किया जाए। सभी कलाकारों को समान अवसर मिलना चाहिए।
1 अप्रैल से कार्यक्रम आवंटन में पूरी तरह शासनादेश का पालन अनिवार्य होगा। बड़े कलाकारों के स्थान पर स्थानीय और पंजीकृत कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि सभी को प्रदर्शन का मौका मिले। इसके अनुश्रवण के लिए एक पाँच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। बुजुर्ग और विपन्न कलाकारों से फोन के माध्यम से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने रेडियो जयघोष की क्षमता बढ़ाने और युवाओं को इससे जोड़ने पर भी बल दिया। वर्षभर के लिए कलाकारों की गतिविधियों की समय-सारणी तैयार की जाएगी।
वाद्य यंत्रों की गुणवत्ता पर भी सख्ती
मंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष खरीदे गए वाद्य यंत्रों की गुणवत्ता की जांच की जाए और जो यंत्र वितरित नहीं हुए हैं उनकी गिनती करवाई जाए। आने वाले वित्तीय वर्ष में यंत्रों की खरीद के लिए स्पष्ट रणनीति बनाई जाए। विलुप्त हो रहे वाद्य यंत्रों के संरक्षण हेतु कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ योजना के तहत जैसे दूसरे राज्यों से आने वाले कलाकारों को सुविधाएं मिलती हैं, वैसी ही सुविधाएं यूपी के बाहर कार्यक्रम देने वाले कलाकारों को भी दी जानी चाहिए। जयवीर सिंह ने मूर्तियों के निर्माण कार्य को तीन माह में पूर्ण करने, वृंदावन शोध संस्थान के कर्मचारियों की ऑडिट, और विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के छात्रों के शैक्षिक भ्रमण के लिए निर्देश दिए। साथ ही, विभागीय रिक्तियों की पूर्ति, पदोन्नति और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। अंत में, उन्होंने आगरा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मस्थान पर बने सांस्कृतिक संकुल और स्मारक का संचालन जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के माध्यम से कराने के आदेश दिए।





