पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने की सच्चाई को उजागर करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। सरकार ने तय किया है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका समेत कई अहम देशों का दौरा करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के शशि थरूर, मनीष तिवारी, AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, और एनसीपी की सुप्रिया सुले जैसे प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं। यह विशेष रिपोर्ट नवनीत मिश्र और शादाब अहमद द्वारा प्रस्तुत की गई है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ नया कूटनीतिक अभियान
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स को पाकिस्तान से समर्थन मिलने के बावजूद वह लगातार झूठ फैला रहा है। अब भारत सरकार ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब करने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत 22 से 30 मई के बीच यूरोप और मिडिल ईस्ट के कई अहम देशों में अलग-अलग सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे जाएंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू विपक्षी दलों के सांसदों से प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने के लिए संपर्क कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता शशि थरूर, मनीष तिवारी, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, और एनसीपी की सुप्रिया सुले जैसे नामों को शामिल किया जा रहा है।
कांग्रेस ने दिए अपने प्रतिनिधियों के नाम
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने जानकारी दी कि किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से संपर्क किया और प्रतिनिधिमंडल के लिए नाम मांगे। इसके तहत कांग्रेस ने निम्नलिखित नाम प्रस्तावित किए:
• आनंद शर्मा
• गौरव गोगोई
• डॉ. सैयद नसीर हुसैन
• राजा बरार
दुनिया को बताएगा भारत, क्यों जरूरी था ‘ऑपरेशन सिंदूर’
भारत सरकार ने यह तय किया है कि प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग देशों के नेताओं और थिंक टैंक्स से मिलकर बताएगा कि आतंकवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ क्यों जरूरी था। यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि पाकिस्तान ने आतंकी आकाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते भारत को आत्मरक्षा में सीमापार जाकर कार्रवाई करनी पड़ी। भारत की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा के अधिकार में की गई थी।
आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश
प्रतिनिधिमंडल यह भी बताएगा कि भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि पाकिस्तान ने नागरिक और सैन्य ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाया। हाल ही में भुज एयरफोर्स स्टेशन की यात्रा पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि भारत पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब करेगा।
सात अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल, अलग-अलग देश
हर देश के लिए अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल होंगे जिनमें 5–6 सांसद शामिल रहेंगे और 10 दिन का दौरा तय किया गया है। प्रतिनिधिमंडलों में कांग्रेस, बीजेपी, टीएमसी, डीएमके, बीजेडी, माकपा आदि दलों के सांसद भाग लेंगे।
प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों की सूची
भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को वैश्विक मंच पर मजबूत करने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया गया है। ये प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों समेत प्रमुख सहयोगी देशों का दौरा करेंगे। ये भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस फॉर टेरर’ की नीति को प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व निम्नलिखित नेता करेंगे:
- शशि थरूर – कांग्रेस
- रविशंकर प्रसाद – भाजपा
- संजय कुमार झा – जदयू
- बैजयंत पांडा – भाजपा
- कनिमोझी करुणानिधि – डीएमके
- सुप्रिया सुले – एनसीपी
- श्रीकांत एकनाथ शिंदे – शिवसेना





