भारत ने इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता प्रकट की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने के साथ-साथ कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का पक्षधर है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारत का जोर सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान पर है।
पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच टेलीफोन पर बातचीत
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। भारत ने दोहराया कि किसी भी प्रकार की हिंसा से बचते हुए संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही समाधान निकाला जाना चाहिए।
भारत का स्पष्ट संदेश: तनाव नहीं, सुरक्षा और संवाद को दें प्राथमिकता
भारत का यह रुख साफ दर्शाता है कि वह क्षेत्रीय शांति को अत्यंत गंभीरता से लेता है। दोनों देशों से अच्छे संबंध रखने वाला भारत हिंसा के किसी भी रूप का विरोध करता है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करता है।
क्या भारत की भूमिका क्षेत्रीय तनाव कम कर सकती है?
भारत का संतुलित और शांतिपूर्ण दृष्टिकोण इस जटिल स्थिति में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। क्या भारत के इस संयमित दृष्टिकोण से इजरायल और ईरान के बीच वार्ता की शुरुआत होगी, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
भारत ने विदेशों में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। विदेश मंत्रालय ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा है।





