
जयपुर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जयपुर से जोड़ने के लिए बनाया गया 67 किलोमीटर लंबा बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे अब बनकर पूरी तरह तैयार है। सड़क सुरक्षा ऑडिट भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब केवल इसके उद्घाटन और शुरू होने की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। एनएचएआई के अधिकारी भी इसकी शुरुआत को लेकर फिलहाल कोई निश्चित तारीख नहीं बता पा रहे हैं।
यह एक्सप्रेसवे नवंबर 2024 तक बनकर तैयार होना था, लेकिन तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी होती रही और जून 2025 की शुरुआत में जाकर काम पूरा हो सका। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ट्रायल किया गया और फिर रोड सेफ्टी ऑडिट भी संपन्न हुआ। अब जयपुर और दौसा के अधिकारी केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। संभव है कि शुरुआत से पहले इसका औपचारिक उद्घाटन भी किया जाए, जिसकी तारीख और योजना सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा तय की जाएगी।
शुरू न होने से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद से ही जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन दौसा के रास्ते एक्सप्रेसवे पकड़ने लगे हैं, जिससे जयपुर के कानोता क्षेत्र में भारी जाम लगने लगा है। खासकर शुक्रवार से रविवार तक स्थिति और बिगड़ जाती है। जयपुर-दौसा मार्ग पर भी कुछ स्थानों पर समय-समय पर ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है।
दिल्ली अब महज ढाई से तीन घंटे की दूरी पर
जैसे ही बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे शुरू होगा, दिल्ली, गुरुग्राम, सोहना और फरीदाबाद जैसे क्षेत्र जयपुर से बहुत नजदीक हो जाएंगे। जयपुर-आगरा रोड पर बगराना के पास से एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही वाहन महज ढाई से तीन घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे।
120 की रफ्तार से फर्राटे भरेंगी गाड़ियां
इस एक्सप्रेसवे पर कारें 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। जयपुर से गुरुग्राम और सोहना तक पूरी तरह नियंत्रित एक्सप्रेसवे पर सफर करने से ट्रैफिक की रुकावटें नहीं होंगी और वाहन चालकों को गति बार-बार कम-ज्यादा नहीं करनी पड़ेगी। बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेसवे चार लेन का है, जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे आठ लेन का है। वहीं सोहना से गुरुग्राम के बीच बना छह लेन का खंड करीब 20 किलोमीटर लंबा है।






