नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी गाड़ियों को नो पार्किंग जोन में खड़ी कर देते हैं, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस उन्हें जब्त कर लेती है। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब वाहन मालिकों को यह पता नहीं होता कि उनकी गाड़ी आखिर गई कहां। ऐसी स्थिति में लोग परेशान हो जाते हैं।
कहां जाती है आपकी गाड़ी
अगर आपकी गाड़ी को ट्रैफिक पुलिस ने नो पार्किंग क्षेत्र से उठाया है, तो उसे आमतौर पर नजदीकी ट्रैफिक डिपार्टमेंट के इम्पाउंड यार्ड या आरटीओ कार्यालय में खड़ा किया जाता है। ट्रैफिक पुलिस की टीमें शहर के बाजारों और व्यस्त सड़कों पर नियमित गश्त करती हैं और नो पार्किंग में खड़े वाहनों को उठाया जाता है।
कैसे मिले जानकारी
यदि आपकी गाड़ी अचानक गायब हो जाए और आपको संदेह हो कि ट्रैफिक पुलिस ने उसे उठाया है, तो आप ट्रैफिक पुलिस के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यहां आपको गाड़ी नंबर बताना होगा और फिर अधिकारी आपको बताएंगे कि गाड़ी कहां खड़ी है। इसके अलावा, आप नजदीकी ट्रैफिक पुलिस चौकी या अधिकारी से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कैसे लें वापस गाड़ी
नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के तहत वाहन जब्त किया जाता है। ऐसे में वाहन मालिक को पहले जुर्माना भरना होता है, जो वाहन के प्रकार पर निर्भर करता है। यह जुर्माना ₹300 से लेकर ₹2000 तक हो सकता है। जुर्माना अदा करने के बाद ही वाहन मालिक को उसकी गाड़ी वापस सौंपी जाती है।
क्या रखें सावधानी
ट्रैफिक नियमों का पालन करना न केवल एक कानूनी ज़िम्मेदारी है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। वाहन चलाते समय यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी गाड़ी को केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ी करें। सड़क किनारे, बाजारों या सार्वजनिक स्थानों पर गलत तरीके से पार्किंग करने से बचें, ताकि आपका वाहन जब्त न हो और आप पर जुर्माना भी न लगे।





