प्रधानमंत्री मोदी अपने 10 वर्षों के कार्यकाल की अब तक की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक यात्रा पर निकले हैं। इस ऐतिहासिक दौरे में वे पांच देशों की यात्रा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी 1 जुलाई को इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए रवाना हुए। यह यात्रा 9 जुलाई तक चलेगी और इसमें दक्षिण अमेरिका, कैरेबियाई और अफ्रीकी देशों का दौरा शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की वैश्विक सहभागिता को और सशक्त बनाना है। इसके तहत वे ब्राजील में होने वाले 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
• घाना (2-3 जुलाई): वैक्सीन हब पर जोर
यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की 30 वर्षों में पहली घाना यात्रा है। मोदी घाना की संसद को संबोधित करेंगे और वहां वैक्सीन हब की स्थापना में सहयोग का ऐलान करेंगे। ऊर्जा, रक्षा और विकास में साझेदारी पर भी चर्चा होगी।
• त्रिनिदाद (3-4 जुलाई): सांस्कृतिक रिश्ते
त्रिनिदाद की यह यात्रा पीएम कमला परसाद बिसेसर के आमंत्रण पर हो रही है। पिछले 25 वर्षों में कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री यहां नहीं गया था। इस दौरान मोदी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। यह दौरा वहां बसे भारतीय मूल के लोगों के कारण सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।
• अर्जेंटीना (4-5 जुलाई): आर्थिक सहयोग का विस्तार
यहां प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति जेवियर मिलेई से मुलाकात करेंगे। दोनों देश रक्षा, कृषि, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार करेंगे। इससे भारत और लैटिन अमेरिका के संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
• ब्राजील (5-8 जुलाई): ब्रिक्स सम्मेलन में भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह उनका चौथा ब्राजील दौरा होगा। सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत भूमिका को रेखांकित किया जाएगा। संभावना है कि ब्रिक्स की संयुक्त घोषणा में पहलगाम हमले की भी कड़ी निंदा की जाएगी।
• नामीबिया (9 जुलाई): यूपीआई की पहल
दौरे के अंतिम चरण में मोदी नामीबिया जाएंगे। 27 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। वे राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी-नदैतवाह से मुलाकात कर संसद को संबोधित करेंगे। इस दौरान यूपीआई को लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।






