भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से धरती पर सफलतापूर्वक वापसी की। उन्होंने 18 दिन की अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान 60 से अधिक प्रयोग किए, जिनमें सात भारतीय प्रयोग शामिल थे। अंतरिक्ष में रहते हुए शुभांशु ने मेथी और मूंग के बीजों को भी उगाया।
स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान “ग्रेस” शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर भारतीय समयानुसार दोपहर 3:01 बजे कैलिफोर्निया के तट से दूर प्रशांत महासागर में उतरा। इससे पहले सोमवार शाम 4:45 बजे ‘ग्रेस’ ने आईएसएस से अनडॉकिंग की प्रक्रिया पूरी की और लगभग 22.5 घंटे की यात्रा कर मंगलवार को स्प्लैशडाउन किया। इस पूरी प्रक्रिया का नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस ने सीधा प्रसारण किया।
शुभांशु की सुरक्षित वापसी पर उनके लखनऊ स्थित परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी मां आशा शुक्ला ने कहा, “मेरा बेटा सुरक्षित लौट आया, इसके लिए मैं भगवान का और उन सभी का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने इस क्षण को कवर किया। मैं बहुत भावुक हो गई थी। आखिरकार इतने दिनों बाद मेरा बेटा लौट आया है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुभांशु शुक्ला को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन से लौटने पर पूरे देश के साथ स्वागत करता हूं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में उन्होंने अपने साहस, समर्पण और अग्रणी भावना से करोड़ों भारतीयों को प्रेरित किया है। यह हमारे गगनयान मिशन की दिशा में एक और अहम मील का पत्थर है।”
गौरतलब है कि शुभांशु शुक्ला 25 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन 9 रॉकेट के जरिये अपने चार अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ आईएसएस के लिए रवाना हुए थे। पृथ्वी से 28 घंटे की यात्रा के बाद वे स्टेशन पर पहुंचे और वहां 18 दिन तक वैज्ञानिक प्रयोगों में जुटे रहे।
18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा के बाद धरती पर लौटे शुभांशु शुक्ला, पीएम ने दी बधाई






