
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने घोषणा की है कि कंपनी इस वर्ष अपने वैश्विक कार्यबल में से लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। इस फैसले के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही कंपनी के शेयरों में गिरावट देखी गई। बीएसई पर टीसीएस का शेयर 1.69% टूटकर 3,081.20 रुपये पर बंद हुआ, जबकि एनएसई पर यह 1.7% गिरकर 3,081.60 रुपये पर आ गया।
कंपनी ने बताया कि यह छंटनी प्रक्रिया संगठन में चल रहे व्यापक बदलावों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार संगठन बनना है। यह रणनीति तकनीक, एआई के इस्तेमाल, बाजार विस्तार और कार्यबल पुनर्गठन पर केंद्रित है।
टीसीएस ने कहा कि इस बदलाव के तहत उन कर्मचारियों को संगठन से मुक्त किया जाएगा जिनकी तैनाती संभव नहीं हो पा रही है। इसका असर वैश्विक स्तर पर कंपनी के करीब 2% कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिसमें मुख्य रूप से मध्य और वरिष्ठ स्तर के कर्मचारी शामिल होंगे।
30 जून 2025 तक टीसीएस में कुल कर्मचारियों की संख्या 6,13,069 थी। हाल ही में समाप्त जून तिमाही में कंपनी ने 5,000 नए कर्मचारी जोड़े थे। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को उचित लाभ, परामर्श, आउटप्लेसमेंट और सहायता प्रदान की जाएगी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सीमित (एकल अंकों में) राजस्व वृद्धि दर्ज की है। जून तिमाही अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी, जिसकी वजह वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों के कारण तकनीकी मांग में कमी और ग्राहकों द्वारा फैसलों में देरी रही है।




