आगरा में यमुना ने खतरे के निशान को पार किया, अगले 24 घंटों में बाढ़ की आशंका, नाव संचालन पर रोक, 40 से अधिक गांवों में हाई अलर्ट घोषित किया गया
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी ने यमुना के जलस्तर को तेजी से बढ़ा दिया है। बृहस्पतिवार शाम को वॉटर वर्क्स पर पानी का स्तर चेतावनी सीमा से साढ़े आठ इंच ऊपर यानी 495.7 फीट तक पहुंच गया। एत्माद्दौला स्मारक के पिछले हिस्से के 12 कमरे पानी से भर गए हैं। बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट और मोक्षधाम भी डूब चुके हैं, जिससे दाह संस्कार प्रभावित हो रहे हैं।
हथिनीकुंड बैराज से 17 अगस्त को छोड़ा गया 1.78 लाख क्यूसेक पानी अब आगरा पहुंच चुका है, जिससे यमुना उफान पर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर चार इंच और बढ़ गया। एहतियातन डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। प्रभावित गांवों में लाइफ जैकेट वितरित की गईं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के अनुसार शुक्रवार रात तक यमुना का स्तर 500 फीट तक जा सकता है। गोकुल बैराज से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। ताजमहल के दशहरा घाट तक पानी पहुंच गया है और पीछे स्थित पार्क डूब चुका है। जलस्तर और बढ़ा तो यमुना ताजमहल की पिछली दीवार को भी छू सकती है।
एत्माद्दौला स्मारक के कई कमरे चार फीट तक पानी में डूब गए हैं। महताब बाग व जोहरा बाग का हिस्सा भी डूबने लगा है। बल्केश्वर का पार्वती घाट 12 फीट पानी में समा गया है। सुरक्षा कारणों से यहां आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।
बाह क्षेत्र में भी यमुना उफान पर है। बटेश्वर के घाटों तक लहरें पहुंच रही हैं और कई गांवों का संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। मोटरबोट सेवा भी बंद कर दी गई है। करीब 35 गांव प्रभावित हुए हैं और कई स्थानों पर बाजरा, तिल व सब्जियों की फसलें नष्ट हो गई हैं।
फतेहाबाद की एसडीएम स्वाति शर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर गांवों में अलर्ट जारी किया और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने भी बाढ़ को देखते हुए रैपिड रिस्पांस टीम गठित की है और ओआरएस पैकेट व दवाओं की किट वितरित करने के निर्देश दिए हैं।






