कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी 26-27 अगस्त को वोटर अधिकार यात्रा में हिस्सा लेंगी। इस दौरान वे बिहार के सीतामढ़ी स्थित मां जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस के इस कदम को महिला वोट बैंक साधने की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
सुपौल में यात्रा के पहुंचने पर प्रियंका गांधी भी इसमें शामिल हुईं। इस दौरान राहुल गांधी की गाड़ी पर उनके साथ तेजस्वी यादव भी नजर आए। भाई-बहन की इस जोड़ी को देखने के लिए सड़क पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 27 अगस्त को प्रियंका गांधी, राहुल गांधी के साथ सीतामढ़ी के जानकी मंदिर में पूजा करने के बाद महिलाओं के साथ संवाद करेंगी। विपक्ष ने तीज के मौके पर महिला संवाद को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं।
प्रियंका के साथ अन्य बड़े नेता भी
राहुल गांधी की यात्रा में आज प्रियंका गांधी के साथ तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेता भी शामिल होंगे। यात्रा के नौवें दिन के ब्रेक के बाद प्रियंका गांधी राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी के साथ आगे बढ़ेंगी।
यात्रा में बना ‘त्रिकोणीय पिच’
प्रियंका गांधी की मौजूदगी से यात्रा को नया उत्साह मिल सकता है। राहुल गांधी जहां युवाओं और बेरोजगारी के मुद्दों को उठा रहे हैं, वहीं तेजस्वी यादव सामाजिक न्याय पर फोकस कर रहे हैं। अब प्रियंका गांधी महिला वोटरों से संवाद पर ध्यान देंगी। इस तरह यह ‘त्रिकोणीय पिच’ बिहार में विपक्ष की ताकत को नए स्तर तक ले जाने की कोशिश है।
सुपौल में प्रियंका गांधी की एंट्री के बाद उनके सीतामढ़ी में जानकी मंदिर दर्शन को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक पंडित इसे महागठबंधन की बड़ी रणनीति मान रहे हैं। दरअसल, गांधी परिवार पर अयोध्या राम मंदिर न जाने को लेकर विपक्ष सवाल उठाता रहा है। ऐसे में राहुल और प्रियंका दोनों का मां जानकी मंदिर में दर्शन करना कांग्रेस की सियासी चाल मानी जा रही है। कांग्रेस ने भी साफ किया है कि राम जन्मभूमि का ताला खुलवाने से लेकर मंदिर शिलान्यास तक का काम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही किया था।






