दुर्घटना रोकने से लेकर ट्रैफिक कंट्रोल तक, एआई से लैस देश का पहला स्मार्ट हाईवे बना दिल्ली का द्वारका एक्सप्रेस-वे

दिल्ली: हमारे देश में छोटी गलियों से लेकर बड़े-बड़े हाईवे और पुलों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। लेकिन यह भी सच है कि जब से नितिन गडकरी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री का कार्यभार संभाला है, तब से सड़कों और पुलों के निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों में काफी सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि आज देश में कई बेहतरीन हाईवे और पुल बन चुके हैं, जिन्हें भारत की सर्वश्रेष्ठ सड़कों और पुलों में गिना जाता है। ऐसा ही एक हाईवे हाल ही में दिल्ली में तैयार हुआ है, जिसे लोग द्वारका एक्सप्रेसवे के नाम से जानते हैं और जिस पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो चुका है।

द्वारका एक्सप्रेसवे की विशेषताएं
द्वारका एक्सप्रेसवे को देश का सबसे आधुनिक और उन्नत सड़क मार्ग माना जा रहा है। यह भारत का पहला स्मार्ट हाईवे है, जिसे ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है। इस पर एआई तकनीक, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, घटना पहचान प्रणाली, डिजिटल संदेश बोर्ड और ट्रैफिक प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय कमांड सेंटर मौजूद है। इसका मकसद दुर्घटनाओं को रोकना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। इस हाईवे पर ऐसे हाई-डेफिनेशन कैमरे लगाए गए हैं जो 14 प्रकार के ट्रैफिक नियम उल्लंघनों को पकड़ सकते हैं। लगभग 29 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के शिव मूर्ति, महिपालपुर से शुरू होकर गुरुग्राम के खेरकी दौला टोल प्लाजा तक जाता है।

किन बातों पर दिया गया ध्यान
द्वारका एक्सप्रेसवे की खासियत सिर्फ इसकी स्मार्ट तकनीक ही नहीं, बल्कि इसकी उत्कृष्ट निर्माण गुणवत्ता भी है। यहां गाड़ी चलाते समय न तो झटके महसूस होते हैं और न ही सड़क की खराबी दिखती है, क्योंकि इसे प्रीमियम क्वालिटी से बनाया गया है। ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए यह हाईवे आठ लेन चौड़ा बनाया गया है, चार लेन एक ओर और चार लेन दूसरी ओर। सामान्य वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा रखी गई है। दिल्ली से गुरुग्राम की यात्रा इस हाईवे के जरिए लगभग 30 मिनट तेज़ हो जाती है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलती है।

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