मानसून में मच्छरों से हो सकता है डेंगू, मलेरिया, बचाव के लिए तुरंत करें ये उपाय

इन दिनों मानसून में कई राज्यों में बाढ़ से हालात खराब हैं. इस मौसम में मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि का खतरा काफी बढ़ जाता है.

इस बार मानसून में हर जगह हालात बेहद ही खराब होते जा रहे हैं. देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति बन गई है. गली-गली पानी भरने से आम जीवन अस्त-व्यस्त है. बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा मच्छर जनित रोगों जैसे चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया के होने का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ जाता है. जमा हुआ पानी मच्छरों को पनपने का भरपूर मौका देता है. ऐसे में आपके घर के आसपास भी पानी इकट्ठा है तो आप घर से मच्छरों को दूर रखने के लिए ये उपाय आजमाना शुरू कर दें. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर एक बार डेंगू, चिकनगुनिया हो जाए और इसका इलाज सही से ना मिले तो इसमें जान भी चली जाती है.

मच्छरों से बचने के उपाय

  1. पानी जमा न होने दें
    • सबसे पहले आप अपने घर या उसके आसपास जमा हुआ पानी हटाने की कोशिश करें. ये मच्छरों को पनपने का भरपूर मौका देता है.
    • मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं, इसलिए पहला कदम है कि अपने घर के आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों को सबसे पहले हटाएं.
    • गमलों की तश्तरियां, बाल्टियां और बर्डबाथ नियमित रूप से खाली करें.
    • पानी रखने वाले बर्तनों को अच्छी तरह से ढककर रखें.
    • कूलर, पानी की टंकी और नालियों को कम से कम हफ्ते में एक बार साफ करें.
  2. दरवाजे-खिड़कियों को मच्छर-रोधी बनाएं
    • खिड़कियों और दरवाजों पर यदि जाली नहीं लगी है तो जरूर लगवा लें.
    • शाम होने से पहले सभी खिड़कियां बंद कर लें. इससे मच्छर अंदर नहीं घुसेंगे.
    • जाली में कोई छेद या खाली जगह न हो. दरवाजों पर क्लोजर लगाएं.
  3. नेचुरल रेपेलेंट्स का करें इस्तेमाल
    • मच्छरों को दूर रखने के लिए आप घर के अंदर रेपेलेंट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं:
    • नेचुरल तरीकों में नीम का तेल, सिट्रोनेला मोमबत्तियां, कपूर और तुलसी के पौधे प्राकृतिक रूप से मच्छरों को भगाने में मदद करते हैं.
    • आप चाहें तो मार्केट में मिलने वाले केमिकल युक्त रेपेलेंट्स जैसे लिक्विड वेपोराइजर, कॉइल और प्लग-इन मशीनें भी खरीद सकते हैं. इनसे भी मच्छर मरते हैं.
    • इन्हें प्रॉपर वेंटिलेशन वाली जगह पर ही रखकर ऑन करें, ताकि इसका केमिकल युक्त धुआं निकलता भी रहे.
  4. घर को साफ रखें
    • गंदगी और नमी वाले स्थान मच्छरों को आकर्षित करते हैं. अपने घर को सूखा और हवादार रखें.
    • दिन के समय आप खिड़कियां थोड़ी खोल सकते हैं.
    • बिस्तर की चादर और पर्दे को बदलते रहें.
    • गीले कपड़े घर के अंदर टंगे न छोड़ें।
    • कूड़े को ढककर रखें और हर दिन बाहर फेंकें.
    • मच्छर अधिक हैं तो मच्छरदानी लगाकर सोएं.
    • शाम के समय आप और बच्चों को फुल-स्लीव्स के कपड़े पहनाएं.
    • हल्के रंग के कपड़े पहनने से भी मच्छर कम काटते हैं.

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading