जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो गई हैं और बीमा पर टैक्स खत्म होने से इसे खरीदना भी आसान हो गया है। खासतौर पर मिडिल क्लास परिवार इससे अच्छी खासी बचत कर सकते हैं। 2017 में लागू जीएसटी में 12%-28% के स्लैब थे, जिन्हें अब खत्म कर 5% और 18% के दो स्लैब में बदल दिया गया है। इसका असर 99% रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर पड़ा है।
सालाना लाखों की बचत:
घर की रोजमर्रा की चीजें जैसे घी, तेल, दूध, टीवी, फ्रिज अब सस्ती हो गई हैं। कार और बाइक पर भी टैक्स कम होने से खरीदारी किफायती हुई है। 22 सितंबर से लागू यह बदलाव मिडिल क्लास और गरीबों के लिए सालाना लाखों रुपये तक की बचत संभव बनाएगा।
कार खरीदना आसान:
छोटी कारों (1,200 सीसी पेट्रोल या 1,500 सीसी डीजल तक) पर अब 18% जीएसटी लगेगा, पहले 28% था। मारुति ऑल्टो के 10 जैसी कार पर कीमत में ₹1,07,600 तक की कटौती हुई है। रोड टैक्स और बीमा प्रीमियम में भी 6,000-7,000 रुपये तक की बचत संभव है।
बीमा टैक्स-फ्री:
लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर अब जीएसटी शून्य है। 20,000 रुपये सालाना हेल्थ इंश्योरेंस पर 3,600 रुपये की बचत और 10,000 रुपये टर्म पॉलिसी पर 1,800 रुपये की बचत होगी। कुल मिलाकर बीमा पर 5,400 रुपये तक की सालाना बचत संभव है।
घरेलू खर्च पर बचत:
दूध, पनीर, घी, साबुन, शैंपू, बिस्कुट जैसी रोजमर्रा की चीजें अब जीएसटी फ्री या 5% स्लैब में हैं। मिडिल क्लास परिवार हर महीने 200-300 रुपये बचा सकता है, यानी सालाना 2,400-3,600 रुपये तक।
एसी, टीवी और फ्रिज पर बचत:
28% से घटाकर 18% किए जाने के बाद रेफ्रिजरेटर, एसी और बड़े टीवी पर भी बचत होगी। उदाहरण के लिए 30,000 रुपये कीमत के रेफ्रिजरेटर पर 2,400 रुपये की बचत संभव है। कुल मिलाकर मिडिल क्लास ऐसे इलेक्ट्रॉनिक्स पर 2,000-10,000 रुपये तक बचा सकता है।





