जैसलमेर में हुए भीषण बस अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। इस हादसे में झुलसे यात्रियों ने बताया कि “मैंने लोगों को जलते हुए देखा, पर कोई भी उनकी मदद नहीं कर पा रहा था।” हादसे के समय बस में अफरा-तफरी मच गई थी। यात्रियों में चीख-पुकार गूंज रही थी। घायलों में आठ साल के बच्चे से लेकर 79 वर्ष के बुजुर्ग तक शामिल थे। स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में घायलों को एंबुलेंस और अपने कंधों पर उठाकर ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाया। अस्पताल में भी हालात बेहद गंभीर थे। जैसे ही घायलों को लाया गया, वहां अफरा-तफरी मच गई। परिवारजन अपने प्रियजनों को ढूंढते हुए रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। एक पिता ने कहा, “बस पांच मिनट पहले बेटे से बात हुई थी, अब वो कहां है, कुछ पता नहीं।” कई लोग अपने बच्चों, भाई-बहनों और बुजुर्गों को खोजने में जुटे रहे।
बता दें कि जैसलमेर से जोधपुर जा रही एसी स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 20 यात्रियों की जलकर मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को जोधपुर रेफर किया गया है। शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जैसलमेर बस अग्निकांड: “आंखों के सामने लोग जल रहे थे, लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका”






