सबरीमाला मंदिर से हुई सोना चोरी की जांच में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार मंदिर के पुजारी के सहायक उन्नीकृष्णन पोट्टी ने करीब दो किलो सोना चोरी
एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी ने 2019 में द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग करवाई थी। उसी दौरान उसने करीब दो किलो सोने की चोरी कर ली। शुक्रवार को मूर्तियों पर नई सोने की परत तंत्री कंडारारू महेश मोहनारू की देखरेख में फिर से चढ़ाई गई।
आरोपी की करतूत
- रिपोर्ट में कहा गया है कि पोट्टी 2004 से 2008 तक मंदिर में पुजारी का सहायक रहा था।
2. उसे पहले से जानकारी थी कि द्वारपालक की मूर्तियों की तांबे की प्लेटें सोने से मढ़ी हुई हैं।
3. इस जानकारी का इस्तेमाल उसने धोखाधड़ी और निजी लाभ के लिए किया, जिससे त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को नुकसान हुआ।
4. 2019 में उसने मूर्तियों की “मरम्मत” के नाम पर आवेदन दिया और प्लेटों को हटाकर उन्हें कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ले जाया गया।
5. चेन्नई की एक फर्म स्मार्ट क्रिएशन्स की मदद से तांबे की प्लेटों से सोना निकाला गया।
6. इसे छिपाने के लिए मात्र 394.9 ग्राम सोना दोबारा चढ़ाया गया और मूर्तियों की परंपरा के खिलाफ उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भी प्रदर्शित किया गया।
गिरफ्तारी और मुकदमा
एसआईटी ने बताया कि आरोपी के फरार होने की आशंका थी। उसका फोन भी बंद पाया गया। इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने उसे उसके घर से हिरासत में लिया।
आरोपी समेत 10 लोगों पर आईपीसी की धारा 403 (बेईमानी से गबन), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 466 (सार्वजनिक दस्तावेज़ों की जालसाजी) और 467 (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।






