दिल्ली: स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए उम्र में बदलाव, आदेश जारी

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नर्सरी से पहली कक्षा तक के मौजूदा छात्रों पर उम्र संबंधी नए नियम लागू नहीं होंगे। स्कूलों को नर्सरी से पहली कक्षा तक के दाखिले में उम्र में एक महीने की छूट देने की अनुमति होगी।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में केवल उन बच्चों का दाखिला होगा जिनकी आयु छह वर्ष से अधिक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत फाउंडेशनल स्टेज में पुनर्गठन को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब फाउंडेशनल स्टेज में कक्षाओं की संख्या दो से बढ़ाकर तीन कर दी गई है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की स्कूल शाखा ने सर्कुलर जारी किया है। सरकारी और निजी स्कूल प्रमुखों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे अभिभावकों को इसकी जानकारी दें।
वर्तमान में फाउंडेशनल स्टेज में नर्सरी और केजी शामिल हैं। पहले नर्सरी में तीन वर्ष, केजी में चार वर्ष और पहली कक्षा में पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को प्रवेश मिलता था। अब फाउंडेशनल स्टेज में कक्षाओं की संख्या बढ़ जाने के बाद, पहली कक्षा में प्रवेश केवल छह वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को मिलेगा। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि यदि किसी छात्र ने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से वैध मार्कशीट के साथ पिछली कक्षा पूरी की है, तो उसे अगली कक्षा में दाखिले के लिए उम्र में छूट दी जाएगी।

नए नियम के अनुसार:

नर्सरी (बालवाटिका 1/प्री-स्कूल-1): 3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष तक

लोअर केजी (बालवाटिका 2/प्री-स्कूल-2): 4 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष तक

अपर केजी (बालवाटिका 3/प्री-स्कूल-3): 5 वर्ष से अधिक और 6 वर्ष तक

पहली कक्षा: 6 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष तक

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दाखिले के लिए आयु आधार होगा:

नर्सरी: 31 मार्च 2026 तक 3 वर्ष से अधिक

पहली कक्षा: 31 मार्च 2026 तक 6 वर्ष से अधिक

एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा पहली कक्षा में छह वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए दाखिले का निर्णय स्वागत योग्य है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों के समग्र विकास में सहायक होगा।

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