
आरोप है कि छात्रा के पिता के साथ मदरसा स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया और धक्के देकर माँ पिता-पुत्री को बाहर निकाल दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर एडमिशन सेल के प्रभारी मो. शाहजहां, जो बिहार के पूर्णिया जिले के रानी पत्रा थाना क्षेत्र के पुरखरिया निवासी हैं, को गिरफ्तार कर लिया है।
मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने के लोधीपुर राजपूत स्थित मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात में आठवीं कक्षा में दाखिला देने से पहले 13 वर्षीय छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट (मेडिकल रिपोर्ट) की मांग की गई। मदरसा प्रबंधन की इस अजीब डिमांड से छात्रा और उसके माता-पिता हैरान रह गए। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रधानाचार्य रहनुमा, एडमिशन सेल प्रभारी मो. शाहजहां और अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
छात्रा चंडीगढ़ की रहने वाली है। उसके पिता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में अपनी बेटी का दाखिला मदरसे में सातवीं कक्षा में कराया था। अब आठवीं कक्षा के लिए दाखिला होना था। जुलाई में पत्नी अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण प्रयागराज चली गई थीं। पिता ने तब बेटी को मदरसे से चंडीगढ़ ले लिया। 21 अगस्त को पत्नी बेटी को लेकर मदरसे पहुंची। आरोप है कि प्रधानाचार्य रहनुमा और एडमिशन सेल प्रभारी मो. शाहजहां ने पहले 35 हजार रुपये जमा कराए और बाद में वर्जिनिटी सर्टिफिकेट की मांग की। जब पिता को इसकी जानकारी मिली, तो वे वहां पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उनके साथ अभद्रता की गई और तीनों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर मो. शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया है। प्रधानाचार्य रहनुमा और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पाकबड़ा थाने में पिता की तहरीर पर बीएनएस की धारा 79, 351(2), 352, 316(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, चंडीगढ़ के पिता ने आरोप लगाया कि मदरसे के स्टाफ ने उनकी बेटी के चरित्र का हनन किया और मेडिकल रिपोर्ट की मांग की। इस मामले में गिरफ्तारियां और तलाश जारी है।
वर्जिनिटी सर्टिफिकेट की बात बिल्कुल गलत है। पति-पत्नी के आपसी विवाद में हमारे मदरसे को बदनाम किया जा रहा है – अरबाब शम्सी, सचिव, मदरसा जामिया एहसान उल बनात





