सात महीने की जेल काटने के बाद भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल के दो शस्त्र लाइसेंस डीएम ने निरस्त कर दिए। आहत प्रदीप अग्रवाल ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों पर साथ नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी फेसबुक आईडी पर दो पोस्ट डालकर कहा है कि सुनवाई नहीं हुई तो मुस्लिम बन जाऊंगा। इसके स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद पार्टी में घमासान मचा है। भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल उर्फ कल्लू ने फेसबुक पर लिखा है कि मैं वर्ष 1988 से पार्टी का सिपाही हूं। मैंने हमेशा पार्टी का साथ दिया। बिल्कुल निर्दोष होने के बाद भी सात महीने जेल काटी। कोर्ट ने मुझे निर्दोष माना, इसके बावजूद मेरे दोनों शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
बड़े नेता कह रहे हैं कि मेरे पास आओ, तुम्हारे सामने फोन करूंगा। मैं जाऊं न जाऊं, काम होना चाहिए जो आज तक नहीं हुआ। पौत्र के अपहरण की कोशिश हुई, इसलिए हादसा हुआ था। मेरे साथ जितना बुरा हो सकता था, हुआ। मैं अपनी सरकार के खिलाफ नहीं जा सकता। मगर मैं बहुत मजबूर हूं। इस सरकार में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। पार्टी के किसी विधायक, सांसद या पदाधिकारी ने मेरे मामले का संज्ञान नहीं लिया। अगर कोई साथ नहीं खड़ा हो सकता तो प्यार के दो बोल तो बोल सकता है। घटना से मेरा मन इतना दुखी है कि मेरे मन में विचार आ रहा है क्यों न मैं हिंदू धर्म त्यागकर मुस्लिम धर्म अपना लूं। उनके साथ रहूंगा तो पीड़ा तो होगी, लेकिन किसी के न बोलने का दुख तो नहीं होगा। मेरी सुनवाई नहीं हुई तो 15 दिन के अंदर मुस्लिम धर्म अपना लूंगा।
जानलेवा हमले में प्रदीप ने काटी थी जेल
अप्रैल 2022 में कार सवार भाजपा नेता प्रदीप अग्रवाल और बाइक सवार छात्र के बीच वाहन टकराने पर कहासुनी हो गई थी। भाजपा नेता ने छात्र पर दो गोलियां चला दी थी। इसमें एक गोली उसके पेट में लगी थी और दूसरी पेट के पार हो गई थी। छात्र के पिता सिपाही थे। इस मामले में प्रदीप को जेल भेजा गया था। प्रदीप ने बताया कि उस वक्त उनके पोते के अपहरण की कोशिश की जा रही थी। आरोपी नशे में थे। उन्हें आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। 25 साल से बंदूक और राइफल का लाइसेंस है, पहले कभी कोई गड़बड़ नहीं हुई। आरोपी के पिता पुलिस में थे तो उनकी घेराबंदी कर ली गई। पार्टी संगठन व नेताओं का उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल सका।






