पैसेंजर ट्रैफिक के मामले में नई दिल्ली का इंदिरा गांधी तो क्षेत्रफल के लिहाज से हैदराबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बने भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट
नई दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई) यात्रियों की आवाजाही के मामले में देश का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। वर्ष 2024-25 के दौरान इसने 7.9 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालते हुए न केवल भारत का बल्कि दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में भी अपना स्थान बनाया है। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
हालांकि पैसेंजर ट्रैफिक के लिहाज से आईजीआई शीर्ष पर है, लेकिन क्षेत्रफल के मामले में हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। यह लगभग 5,500 एकड़ में फैला हुआ है, जबकि दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट करीब 5,106 एकड़ क्षेत्र में स्थित है। इस प्रकार क्षेत्रफ़ल के अनुसार राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा और आईजीआई दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा है।
राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने किया था, जो एक संयुक्त उपक्रम है। इसमें जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, मलेशिया एयरपोर्ट्स होल्डिंग बरहाद, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और आंध्र प्रदेश सरकार साझेदार थीं। इस एयरपोर्ट के निर्माण पर प्रारंभिक लागत लगभग 2,478 करोड़ रुपये आई थी। भविष्य में इसके विस्तार के लिए जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने वर्ष 2030-31 तक लगभग 14,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) योजना बनाई है। मार्च 2005 में शुरू हुआ इसका निर्माण कार्य मार्च 2008 में पूरा हुआ, यानी महज़ 31 महीनों में और तय समय से पाँच महीने पहले। यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है, जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर बनाया गया था।
राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह एयरबस A380 जैसे बड़े विमानों को भी संभाल सके। इसका एकीकृत टर्मिनल हैदराबाद की संस्कृति से प्रेरित आधुनिक और मॉड्यूलर ढांचे वाला है, जो सालाना 4 करोड़ यात्रियों की क्षमता रखता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे पूर्व और पश्चिम के बीच उड़ानों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट हब बनाती है।






