क्या यह हमला फिदायीन था या किसी और की कार में बम लगाया गया था? यह सवाल अब भी जांच के घेरे में है। शुरुआती तस्वीरें देखकर हर कोई दंग है, क्योंकि जिस कार में धमाका हुआ बताया जा रहा है, उसके पास एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला, जिसकी पहचान करना मुश्किल हो गया है।
लाल किले के पास कार में हुआ यह धमाका फिदायीन हमला भी हो सकता है, दिल्ली पुलिस और देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच इसी दिशा में संकेत दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका होने से पहले उस कार में तीन लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने इन लोगों को पहले जिंदा देखा और कुछ ही पलों बाद धमाके के साथ उन्हें मरते हुए भी देखा। धमाके के बाद कार के आसपास शरीर के अलग-अलग हिस्से बिखरे पड़े थे। देर रात दिल्ली पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने 20 घायलों और 8 मृतकों की सूची जारी की।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, धमाके से ठीक पहले कार बहुत धीमी गति से चल रही थी और उसमें तीन लोग मौजूद थे। अचानक जोरदार धमाका हुआ और सबकुछ बिखर गया। फिलहाल स्पेशल सेल, एनआईए और खुफिया एजेंसियां मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह हमला आत्मघाती था या कार में पहले से बम फिट किया गया था। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल से धातु के टुकड़े, तारें और रासायनिक अवशेष मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि धमाका कार सवारों ने खुद किया या किसी ने कार में बम लगाकर ब्लास्ट कराया। एनआईए, एनएसजी और अन्य एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई हैं।






