बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आज पूरा देश उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने संसद परिसर में स्थापित धरती आबा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस विशेष अवसर पर संसद परिसर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष के साथ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। झारखंड में जन्मे इस वीर सपूत को प्रधानमंत्री मोदी ने भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर अपने संदेश में झारखंड स्थापना दिवस की बधाई देते हुए बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया।
पूरा देश उनके अप्रतिम योगदान को नमन कर रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर मातृभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए उनके अद्वितीय योगदान को पूरा देश कृतज्ञतापूर्वक याद कर रहा है। विदेशी शासन के अत्याचारों के खिलाफ उनका संघर्ष हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, “जनजातीय परंपराओं और संस्कृति से समृद्ध झारखंड के सभी निवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा की इस पवित्र धरती का इतिहास साहस और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा है। इस विशेष अवसर पर मैं राज्य की निरंतर प्रगति और विकास की कामना करता हूं।”
धरती आबा और झारखंड का संबंध
बिरसा मुंडा को उनकी भूमि, संस्कृति और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध चलाए गए उनके प्रखर आंदोलनों के लिए सदैव याद किया जाता है। उनकी जयंती के दिन ही, 14 नवंबर 2000 को, बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य का गठन किया गया था।





