यूपी: कैबिनेट की बैठक में लिए गये कई अहम फैसले; अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं

यूपी कैबिनेट ने शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी, जिनका नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सबसे बड़ा निर्णय वृद्धावस्था पेंशन व्यवस्था में सुधार को लेकर लिया गया।

मुख्य फैसले एक नज़र में:

  • रेंट एग्रीमेंट पर स्टांप शुल्क में 90% तक कमी
  • 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट
  • न्यायिक अधिकारियों के लिए वाहन एडवांस बढ़ाकर 10 लाख रुपये
  • गन्ना मूल्य वृद्धि को मंजूरी
  • छोटे उद्यमियों के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु मुख्य सड़क से 2.5 किमी अंदर भी प्लेज पार्क की सुविधा

वृद्धावस्था पेंशन के लिए अलग आवेदन की जरूरत खत्म
राज्य सरकार ने पेंशन प्रक्रिया को आसान बनाते हुए तय किया है कि अब योग्य वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
‘एक परिवार-एक पहचान’ फैमिली आईडी सिस्टम के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान स्वतः हो जाएगी और सहमति मिलने पर पेंशन स्वीकृत कर दी जाएगी।
वर्तमान में 67.50 लाख लोगों को पेंशन मिल रही है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण लाभ से वंचित रह जाते थे।
नई व्यवस्था में 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले लोगों की सूची स्वतः तैयार हो जाएगी और SMS, व्हाट्सऐप, फोन कॉल व भौतिक संपर्क के माध्यम से उनसे सहमति ली जाएगी।

रेंट एग्रीमेंट पर स्टांप शुल्क में बड़ी राहत
कैबिनेट ने एक साल तक के किरायानामा विलेखों पर लगने वाले स्टांप शुल्क में 90% तक की कमी को मंजूरी दी है।
10 साल तक की रजिस्ट्री के लिए भी शुल्क की अधिकतम सीमा तय की गई है।
हालांकि, टोल और खनन पट्टों पर यह छूट लागू नहीं होगी, क्योंकि इनमें राजस्व हानि की आशंका है।

छोटे प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट
अब 20 से कम कर्मियों वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता नहीं होगी।
पहले एक भी कर्मचारी होने पर पंजीकरण जरूरी था। यह बदलाव दुकान एवं वाणिज्य प्रतिष्ठान अधिनियम 1962 में संशोधन के बाद संभव हुआ है।
इससे छोटे कारोबारियों पर बोझ कम होगा और बड़े प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को कानून के मुताबिक अधिकार मिलते रहेंगे।
संशोधन के बाद क्लीनिक, पॉलीक्लीनिक, आर्किटेक्ट, कर सलाहकार, सेवा प्रदाता और अन्य पेशेवर इकाइयों को भी कानून के दायरे में लाया गया है।

गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने गन्ने के नए दाम तय किए:

  • अगेती: 400 रु/क्विंटल
  • सामान्य: 390 रु/क्विंटल
  • अनुपयुक्त: 355 रु/क्विंटल
  • ढुलाई कटौती 60 पैसे प्रति किमी प्रति क्विंटल (अधिकतम 12 रुपये) तय की गई है।

चैनमैन को लेखपाल बनने का मौका
पहली बार चैनमैन को लेखपाल के पद पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा।
लेखपाल सेवा नियमों में संशोधन करते हुए कुल पदों में से 2% पद चैनमैन से भरे जाएंगे।
इसके लिए 6 वर्ष का अनुभव और इंटरमीडिएट योग्यता अनिवार्य है।

अशोक लीलैंड के लिए संशोधित एलओसी
अशोक लीलैंड के ईवी प्लांट में 66 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के प्रस्ताव पर संशोधित लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा।
इससे कंपनी को मिलने वाली सब्सिडी भी बढ़ जाएगी।

अब मुख्य सड़क से 2.5 किमी अंदर भी बनेंगे प्लेज पार्क
छोटे उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्लेज पार्क योजना में संशोधन किया गया है।
अब 2.5 किमी अंदर स्थित न्यूनतम 15 एकड़ के औद्योगिक पार्क भी स्वीकृत होंगे।
सात मीटर चौड़ी सड़कों पर ग्रीन/ऑरेंज श्रेणी के उद्योग और 12 मीटर चौड़ी सड़क पर सभी श्रेणी के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे।
संपूर्ण प्लेज पार्क को एक इकाई माना जाएगा, इसलिए अलग-अलग इकाइयों को अतिरिक्त स्टांप शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

प्रदेश में लगेंगे 40,521 सोलर पंप
पीएम-कुसुम योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 40,521 सोलर पंप लगाए जाएंगे।
अब तक 63,345 सोलर पंप लगाए जा चुके हैं, जिससे ऊर्जा बचत, डीजल की बचत और कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आई है।
किसानों को टेंडर मूल्य पर 60% अनुदान दिया जाएगा। आवेदन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होंगे, जिसमें 5000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी।

न्यायिक अधिकारियों को अधिक वाहन एडवांस
न्यायिक सेवा अधिकारियों को वाहन खरीदने के लिए अब 10 लाख रुपये तक का एडवांस दिया जाएगा। पहले यह सीमा 8 लाख रुपये थी। ब्याज दर 5% ही होगी।

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