गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में वांछित अपराधी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारते ही हिरासत में ले लिया गया।
एनआईए ने अनमोल की रिमांड हासिल कर ली है, वहीं पंजाब पुलिस भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। एजेंसी के अनुसार, अमेरिका में बैठकर अनमोल देश में सक्रिय आतंकवादी सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। पंजाब पुलिस ने उसे ट्रैक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2022 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने खुलासा किया था कि वह फर्जी पासपोर्ट पर देश से निकलकर केन्या सहित कई देशों के रास्ते अमेरिका पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, उसने “भानु प्रताप” नाम से पासपोर्ट हासिल किया था। उसके भाई लॉरेंस बिश्नोई ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले ही उसे देश से बाहर भेजने की योजना बनाई थी ताकि वह पुलिस की कार्रवाई से बच सके। केस की चार्जशीट में भी उसका नाम साजिश के हिस्से के तौर पर शामिल किया गया था।
बुधवार को जैसे ही अनमोल दिल्ली पहुंचा, एनआईए ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहला मामला 2012 में पंजाब के अबोहर में हमला, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। वर्तमान में उसके खिलाफ देशभर में हत्या, टारगेट किलिंग, फिरौती और आर्म्स एक्ट सहित कुल 22 मामले दर्ज हैं। अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद एनआईए ने उसे विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उसे 11 दिन की हिरासत मिली। अनमोल पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या और पिछले वर्ष सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग में भी संलिप्तता के आरोप हैं। एजेंसी ने शाम पांच बजे कड़ी सुरक्षा के बीच उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। विशेष जज प्रशांत शर्मा के सामने एनआईए ने 15 दिन की रिमांड की मांग की। एनआईए का कहना है कि उसे अनमोल से गिरोह की कार्यशैली, फंडिंग के स्रोत, शामिल व्यक्तियों और पूरे नेटवर्क के संचालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त करनी हैं। विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी के अनुसार, अब अनमोल को 29 नवंबर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। वह आतंकी-गैंगस्टर गिरोह का एक अहम सदस्य है और एजेंसी उसके भारत से फरार होने की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। अमेरिका ने मंगलवार को उसे भारत को सौंपा था।
अमेरिकी पुलिस ने पिछले साल नवंबर में अनमोल को हिरासत में लिया था। 2022 से फरार चल रहा अनमोल, लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले आतंकी सिंडिकेट का 19वां ऐसा आरोपी है जिसे पकड़ा गया है। मार्च 2023 में एनआईए ने उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच में सामने आया था कि 2020 से 2023 के बीच उसने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई की कई आतंकी गतिविधियों में सक्रिय मदद की थी।






