कोहरे में जानलेवा साबित हो सकती है आपके वाहन की सफ़ेद हेड लाइट

हाईवे पर निकलने से पहले जानिये सुरक्षित सफर के 5 नियम

उत्तर भारत में हल्की गुलाबी ठंड अब धीरे-धीरे तेज सर्दी का रूप लेने लगी है। हालांकि फिलहाल सड़कों पर घना कोहरा नहीं दिख रहा, लेकिन मौसम जल्दी बदलेगा और कोहरा बढ़ते ही दिन-रात विजिबिलिटी कम होने लगेगी। ऐसे में अगर आप अपनी नई गाड़ी की ‘प्रीमियम व्हाइट लाइट’ या बाजार से लगाई गई तेज रोशनी पर भरोसा करके चल रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। समझते हैं कि कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए आपको किन बातों की जानकारी होनी चाहिए।

सफेद एलईडी रोशनी कोहरे में क्यों बेअसर होती है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि जितनी सफेद और चमकीली लाइट होगी, रास्ता उतना साफ दिखेगा; लेकिन कोहरा इस सिद्धांत को उल्टा कर देता है। आजकल अधिकांश गाड़ियों में कंपनियां 6000 केल्विन वाली व्हाइट एलईडी दे रही हैं। इनकी क्वालिटी और फोकस अच्छे होते हैं, लेकिन समस्या इनके रंग में छिपी है। कोहरा असल में पानी की बेहद छोटी बूंदों से बनता है। सफेद रोशनी इन बूंदों से टकराकर बिखर जाती है और वापस ड्राइवर की आंखों में चमक बनकर लौटती है, जिससे सामने एक सफेद दीवार जैसी दिखने लगती है।

आफ्टर मार्केट एलईडी का खतरा
जब लोग फैक्ट्री-फिटेड पीली हैलोजन लाइट हटाकर सस्ती, तेज एलईडी बल्ब लगवा लेते हैं, तो दिक्कत बढ़ जाती है। कार का रिफ्लेक्टर पहले वाले बल्ब के अनुसार डिजाइन होता है। जब उसमें अलग तरह का एलईडी बल्ब फिट कर दिया जाता है, तो फोकस बिगड़ जाता है। नतीजा यह कि रोशनी सड़क पर पड़ने के बजाय चारों तरफ फैल जाती है। ऐसी बिखरी हुई तेज रोशनी न आपको रास्ता दिखाती है, न सामने वाले ड्राइवर को, बल्कि उसकी आंखों में चकाचौंध पैदा कर देती है, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
अगर आपको घने कोहरे में ड्राइव करनी पड़े तो ये 5 बातें हमेशा याद रखें—

1. हाई-बीम बिल्कुल न जलाएं:

    कोहरे में हाई-बीम रोशनी ऊपर फेंकती है और वही रोशनी वापस आंखों में लौट आती है। हमेशा लो-बीम पर चलें। इससे सड़क की सतह और डिवाइडर बेहतर दिखाई देते हैं।

    2. हैजर्ड लाइट का गलत इस्तेमाल न करें:

    धुंध दिखते ही चारों इंडिकेटर जलाना सबसे आम और खतरनाक गलती है। नियमों के अनुसार हैजर्ड लाइट का मतलब केवल “गाड़ी खराब है और रुकी हुई है” होता है। चलती गाड़ी में इसे ऑन करने से पिछला ड्राइवर भ्रमित हो सकता है और अचानक ब्रेक लगा सकता है। अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए सिर्फ टेल लाइट या रियर फॉग लैंप पर्याप्त हैं।

    3. डिफॉगर और एसी का सही प्रयोग करें

    ठंड में शीशे बंद होने से अंदर भाप जम जाती है। ऐसे में तुरंत डिफॉगर चालू करें। यदि डिफॉगर न हो तो एसी चलाकर हवा का रुख विंडशील्ड की ओर कर दें। कुछ ही सेकेंड में कांच साफ हो जाएगा।

    4. फॉग लैंप पर पीली फिल्म लगवाएं

    अगर आपकी कार में केवल सफेद लाइट्स हैं, तो फॉग लैंप्स पर पीली पन्नी लगवाना कारगर उपाय है। पर ध्यान रहे, मुख्य हेडलाइट पर पीली पन्नी कभी न लगवाएं, वरना सामान्य दिनों में रोशनी कम हो जाएगी। पीली रोशनी कोहरा भेदने में ज्यादा सक्षम होती है, जिससे विजिबिलिटी बेहतर मिलती है।

    5. सड़क की पट्टियों को फॉलो करें

    घने कोहरे में सामने देखने की कोशिश न करें। सड़क पर बनी सफेद या पीली लाइनों पर ध्यान रखें और उन्हीं के सहारे धीरे-धीरे आगे बढ़ें।

    नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और सड़क सुरक्षा जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। वाहन में किसी भी प्रकार का तकनीकी बदलाव करने से पहले कंपनी या अधिकृत विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें, क्योंकि इससे वाहन की वारंटी प्रभावित हो सकती है।

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