सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो उड़ान रद्द होने से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि सरकार पहले ही इस मामले पर ध्यान दे रही है और आवश्यक कदम उठा रही है।
इंडिगो की उड़ानें लगातार सातवें दिन भी बड़ी संख्या में रद्द हो रही हैं। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिका दायर की गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने फिलहाल कोई जल्दबाज़ी में सुनवाई करने से मना कर दिया। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हमें पता है कि लाखों यात्री फंसे हुए हैं और कई लोगों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे होंगे, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई कर रही है, इसलिए हमें फिलहाल कोई तात्कालिकता नहीं लगती।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुबह आठ बजे तक इंडिगो की 18 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें नौ आगमन और नौ प्रस्थान शामिल थे। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि टर्मिनल और रनवे का संचालन सामान्य है और यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। इस दौरान 21 उड़ानें संचालित भी हुईं।
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुल 127 इंडिगो उड़ानें रद्द हुईं, जबकि हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 77 उड़ानें रद्द की गईं। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सबसे अधिक 134 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 75 प्रस्थान और 59 आगमन शामिल थे।
इसी तरह चेन्नई, मुंबई, अहमदाबाद, असम के गुवाहाटी और अन्य हवाई अड्डों पर भी यात्रियों को टर्मिनल में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जयपुर एयरपोर्ट पर भी इंडिगो की कई उड़ानें रद्द रहीं, जिनमें हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली जाने वाली उड़ानें शामिल थीं। हालांकि, अधिकारी बताते हैं कि समग्र स्थिति नियंत्रण में है और यात्रियों को किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
इंडिगो उड़ानों में लगातार देरी और रद्दीकरण को देखते हुए आईजीआई एयरपोर्ट प्रबंधन ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें यात्रियों से आग्रह किया गया है कि हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जांच लें।






