गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से भारत ने तीसरे टी-20 में दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया

धर्मशाला में भारत की यह लगातार तीसरी टी-20 जीत की हैट्रिक रही। इससे पहले भारत ने 2022 में श्रीलंका के खिलाफ यहां दो टी-20 मुकाबले जीते थे।

भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को तीसरे टी-20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर सात विकेट से जीत दिलाई। धर्मशाला में भारत ने टी-20 में लगातार तीसरी जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 117 रन पर सिमट गई। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 15.5 ओवर में तीन विकेट खोकर 120 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। अभिषेक शर्मा ने 18 गेंदों में तीन चौके और तीन छक्कों की मदद से 35 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। इसके बाद तिलक वर्मा को तीसरे नंबर पर उतारा गया। तिलक वर्मा ने टी-20 क्रिकेट में 4000 रन पूरे कर लिए और वह यह उपलब्धि सबसे तेजी से हासिल करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने 125 पारियों में यह मुकाम हासिल किया। गिल और तिलक ने दूसरे विकेट के लिए 32 रन जोड़े। गिल 28 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान सूर्यकुमार यादव 12 रन ही बना सके। अंत में तिलक वर्मा (नाबाद 25) और शिवम दुबे (नाबाद 10) ने जीत सुनिश्चित की। दक्षिण अफ्रीका की ओर से लुंगी एनगिडी, मार्को यानसेन और कॉर्बिन बॉश को एक-एक विकेट मिला। एनगिडी टी-20 में दक्षिण अफ्रीका के लिए संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

भारतीय गेंदबाजों का दबदबा
टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी। दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी शुरुआत से ही लड़खड़ा गई। कप्तान एडेन मार्करम ने 61 रन की पारी खेली, जबकि डोनोवान फेरेरा ने 20 रन बनाए। भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट लिए। हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। इस मैच में अक्षर पटेल बीमार होने के कारण नहीं खेले, जबकि जसप्रीत बुमराह निजी कारणों से घर लौटे। उनकी जगह कुलदीप यादव और हर्षित राणा को मौका मिला। हार्दिक पांड्या ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपने 100 विकेट पूरे किए। वरुण चक्रवर्ती भी टी-20 में 50 विकेट पूरे करने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बने।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading