नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस और गांधी परिवार को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत पांच लोगों को तत्काल राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला किसी एफआईआर पर आधारित नहीं है, बल्कि एक निजी शिकायत से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पीएमएलए के तहत ईडी की शिकायत इस स्तर पर विचार योग्य नहीं है।
ईडी का आरोप है कि यंग इंडियन नामक कंपनी के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल किया गया। एजेंसी के मुताबिक, डोटेक्स कोलकाता नामक कथित शेल कंपनी से यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये मिले थे, जिसके बाद कांग्रेस ने महज 50 लाख रुपये में एजेएल का नियंत्रण सौंप दिया।
ईडी ने यह भी दावा किया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निर्देश पर फर्जी किराया भुगतान और नकली रसीदों के जरिए एजेएल की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश रची गई। इस मामले की शुरुआत वर्ष 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से हुई थी। अब इस केस की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।
नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को राहत, ईडी की चार्जशीट पर कोर्ट ने नहीं लिया संज्ञान





