लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन और अन्य गंभीर आरोपों में मंगलवार को चौक थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि उसने अपनी महिला सहकर्मी रेजिडेंट डॉक्टर को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पीड़िता का दावा है कि आरोपी पहले ही दो शादियां कर चुका है, बावजूद इसके वह खुद को कुंवारा बताता रहा। दूसरी शादी उसने एक हिंदू युवती का धर्म परिवर्तन कराकर की थी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने में संलिप्त है।
सोमवार को पीड़िता ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पीड़िता ने बताया कि पिछले छह महीनों से आरोपी उसका शोषण कर रहा था और धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसने शादी से मुकर गया। अपर्णा यादव ने कहा कि आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले को गंभीर मानते हुए केजीएमयू प्रशासन ने इसे विशाखा समिति को सौंप दिया है। जांच के दौरान आरोपी डॉक्टर ने खुद को अविवाहित बताया और किसी पूर्व विवाह से इनकार किया, जिस पर समिति ने उससे संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है।
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता आरोपी के संपर्क में आने के बाद उसके किराये के कमरे पर जाती रही, जहां शादी के नाम पर उसके साथ कई बार संबंध बनाए गए। गर्भवती होने की जानकारी देने पर आरोपी ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। सितंबर में पीड़िता की मुलाकात एक युवती से हुई, जिसने खुद को रमीज की पत्नी बताया और बताया कि फरवरी 2025 में धर्म परिवर्तन के बाद उससे निकाह हुआ है। अक्टूबर में जब पीड़िता ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसने निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। मानसिक तनाव में आकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को आत्महत्या के इरादे से दवाओं की ओवरडोज ले ली, जिसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं और उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को निलंबित कर छात्रावास, कक्षाओं, लैब और परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने पीड़िता से फोन पर बात कर न्याय का भरोसा दिलाया है। इस बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने परिसर में प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कुलपति को ज्ञापन सौंपा। पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी से पहले धर्म परिवर्तन का दबाव और लगातार उत्पीड़न के कारण उनकी बेटी ने आत्महत्या का प्रयास किया। फिलहाल पीड़िता की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
लखनऊ में डॉक्टर का लव जिहाद; दो शादियां करने के बाद तीसरी के धर्मांतरण की कोशिश






