
बिजनौर में भाई की सुपारी देकर हत्या, पारिवारिक रंजिश में छोटा भाई निकला साजिशकर्ता
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। परिवार में उपेक्षा और तकरार से नाराज एक युवक ने अपने ही बड़े भाई की चार लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करा दी। आरोपी ने शूटरों को वारदात से पहले दो हजार रुपये एडवांस भी दिए थे। पुलिस ने घटना के करीब छह घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि हत्या की साजिश रचने वाले छोटे भाई को भी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस के अनुसार, स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव हल्दुआ माफी निवासी राहुल (26), पुत्र सतपाल, रविवार सुबह करीब 10:15 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना क्रय केंद्र पर डालकर वापस लौट रहा था। गांव के पास ही बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोककर गोलियां मार दीं। राहुल को एक गोली सीने में और दूसरी पीठ में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मृतक के पिता सतपाल की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में हत्या की धारा में तरमीम किया गया। शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक के छोटे भाई दुष्यंत (25) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश रचने की बात कबूल की।
हरिद्वार में रची गई हत्या की साजिश
दुष्यंत हरिद्वार में रहकर अपनी दो कारों का संचालन करता था। वहीं उसने टैक्सी चालक अमजद और उसके साथी विनीत उर्फ बटलर से संपर्क किया। हरिद्वार में ही चार लाख रुपये में राहुल की हत्या का सौदा तय हुआ। शनिवार को दुष्यंत गांव आया और रविवार सुबह दोनों शूटर बाइक से हल्दुआ माफी पहुंचे। जैसे ही राहुल गन्ना लेकर क्रय केंद्र के लिए निकला, दुष्यंत ने शूटरों को सूचना दी और वारदात को अंजाम दिया गया। शाम करीब चार बजे नगीना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विनीत उर्फ बटलर (32), निवासी गांव कुलचाना थाना चांदपुर, और मोहम्मद अमजद (23), निवासी गजरौला शिव थाना शहर कोतवाली, को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। उनके पास से दो तमंचे और एक बाइक बरामद की गई है। हत्या में शामिल शूटर विनीत उर्फ बटलर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह अपने ही गांव के एक बच्चे के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। बटलर पर बिजनौर के एक जूता व्यापारी और होम्योपैथिक चिकित्सक नवनेश कोठारी से रंगदारी मांगने का भी आरोप रहा है।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुली साजिश
वारदात के बाद पुलिस ने क्षेत्र में व्यापक कांबिंग अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरी साजिश तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हत्या के बाद दोनों शूटर धामपुर और नगीना के रास्ते उत्तराखंड भागने की योजना बना रहे थे। इससे पहले वे शनिवार रात स्योहारा के एक होटल में ठहरे थे।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2019 में दुष्यंत और उसके साथी रॉबिन ने गांव की एक महिला पर चाकू से हमला किया था, जिसके चलते दोनों जेल गए थे। रॉबिन मृतक राहुल का करीबी दोस्त था। तीन महीने पहले राहुल ने दुष्यंत के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसे घायल कर दिया था। इसके बाद एक महीने पहले राहुल ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। इन घटनाओं के चलते दोनों भाइयों के बीच दुश्मनी लगातार बढ़ती चली गई।
बताया जा रहा है कि मृतक के पिता के नाम पर करीब 30 बीघा जमीन है और परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है, बावजूद इसके पारिवारिक कलह ने इस जघन्य हत्या का रूप ले लिया।






