
एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है, जहां भाव ₹2,49,888 प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गए। भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने-चांदी में आई इस तेज़ी के कारणों, वैश्विक संकेतों और आगे के बाजार रुझान को लेकर निवेशकों में खास दिलचस्पी बनी हुई है।
वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और घरेलू मांग में मजबूती के चलते मंगलवार को भारतीय सर्राफा बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। दिल्ली के हाजिर बाजार में चांदी ने ₹2.51 लाख प्रति किलो का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया, जबकि सोना भी ₹1,41,500 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड शिखर पर पहुंच गया। सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नरम रुख ने कीमतों को और बल दिया। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में ₹7,000 प्रति किलो की जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह सभी करों सहित ₹2,51,000 प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह लगातार तीसरा दिन रहा जब चांदी में तेजी का सिलसिला जारी रहा। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव ₹2,44,000 था। वहीं, सोने की कीमतों में भी लगातार चौथे दिन उछाल देखने को मिला। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹1,100 की बढ़त के साथ ₹1,41,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि सोमवार को यह ₹1,40,400 पर बंद हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रही। फरवरी डिलीवरी के लिए कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 24.9 डॉलर या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,476.4 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी में भी निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली। कॉमेक्स बाजार में चांदी लगातार तीसरे दिन चढ़त में रही और 1.79 डॉलर या 2.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 78.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के अनुसार, वेनेजुएला में जारी राजनीतिक अस्थिरता के चलते सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है, जिससे इसकी कीमतें 4,450 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी हुई हैं। यह लगातार तीसरा सत्र है जब सोने में मजबूती दर्ज की जा रही है। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटीज उपाध्यक्ष राहुल कलांत्री ने बताया कि मादक पदार्थों की खेप को लेकर कोलंबिया, क्यूबा और मैक्सिको के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों ने निवेशकों की धारणा पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इसके साथ ही स्विस बैंकों द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो से जुड़ी संपत्तियों को जब्त किए जाने की खबरों ने भी कीमती धातुओं के पक्ष में माहौल मजबूत किया है। इसके अलावा, रुपये की कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिलता रहा। कलांत्री के मुताबिक, अब बाजार की नजरें इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले अहम अमेरिकी रोजगार आंकड़ों पर टिकी हैं, जिनसे फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।





