मनीष रंजन के कई रसूखदार लोगों से करीबी संबंध बताए जा रहे हैं। एसआईटी इस बिंदु को गंभीरता से लेते हुए उसके संपर्कों और गतिविधियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
पटना के एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई हैवानियत के मामले में बुधवार को एसआईटी ने हॉस्टल संचालिका के बेटे सहित 10 लोगों के रक्त नमूने डीएनए जांच के लिए एकत्र किए। अब तक पुलिस इस केस में कुल 25 लोगों के ब्लड सैंपल डीएनए परीक्षण के लिए ले चुकी है। सभी नमूने मजिस्ट्रेट और एसआईटी की मौजूदगी में लिए गए हैं। इनमें 15 लोग पटना और 10 जहानाबाद के निवासी हैं। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले एसआईटी ने पटना से लेकर जहानाबाद तक कई जगहों पर छापेमारी कर अहम सुराग मिलने का दावा किया है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि ये सबूत मामले की गुत्थी सुलझाने में मददगार साबित होंगे।
पैतृक गांव में भी हुई छापेमारी
इससे पहले पुलिस ने हॉस्टल के मकान मालिक मनीष रंजन के पैतृक गांव में भी दबिश दी थी। यह कार्रवाई जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के खरका गांव में की गई, जहां से कई महत्वपूर्ण सामान जब्त किए गए। पुलिस ने गांव में रह रहे मनीष रंजन के परिजनों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि वह आखिरी बार कब गांव आया था और उस दौरान किन-किन जगहों पर गया था। जांच में सामने आया है कि 5 जनवरी को मनीष रंजन और पीड़िता जहानाबाद से पटना आए थे। इसी कड़ी को जोड़ते हुए एसआईटी दोनों के आवागमन से जुड़े तथ्यों की गहन जांच कर रही है।
कई अहम सुराग मिलने का दावा
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मनीष रंजन का कई सफेदपोश और प्रभावशाली लोगों के साथ उठना-बैठना था। एसआईटी इस पहलू को ध्यान में रखते हुए उसके नेटवर्क और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में अधिक रहता था। इसी क्रम में पटना और जहानाबाद में उसके पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई है। एसआईटी ने दावा किया है कि लंबी पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। छापेमारी के दौरान कुछ अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, हालांकि एसआईटी ने अभी आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि आसपास के लोगों ने मनीष रंजन के बारे में क्या जानकारी दी।
ट्रैवल हिस्ट्री की हो रही गहन जांच
एसआईटी, पटना पुलिस के सहयोग से पीड़िता की पिछले 11 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच के तहत 27 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच पीड़िता किन लोगों से मिली, कहां-कहां गई और किससे बातचीत हुई, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता 27 दिसंबर को शंभू हॉस्टल से अपने परिजनों के साथ जहानाबाद गई थी और 5 जनवरी को वापस पटना लौटी थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में थी और उस अवधि में उसकी गतिविधियां क्या रहीं।





